बिहार

हादसे में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय रोशनी की मदद को फिर आगे आए समाजसेवी राजेश, इलाज के लिए दोबारा बढ़ाया सहयोग का हाथ

अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत फुलकाहा थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-4 निवासी मंटू साह की 17 वर्षीय पुत्री रोशनी कुमारी हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। रोशनी कुनकुन देवी हाई स्कूल में वर्ग दसवीं की छात्रा है। स्कूल से साइकिल से घर लौटने के दौरान गिरने से उसकी कमर की हड्डी में गंभीर चोट आई, जिसके बाद से उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण रोशनी के इलाज में आर्थिक परेशानी सामने आने लगी। बेटी के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ परिवार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। इसी बीच स्थानीय लोगों ने नवयुग भारत गैस एजेंसी के संचालक एवं समाजसेवी राजेश कुमार रजक से रोशनी के इलाज में मदद की अपील की।

मामले की जानकारी मिलते ही राजेश कुमार रजक रोशनी के घर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और रोशनी को बेहतर इलाज के लिए भेजने में मदद की।

रोशनी को पहले कटिहार मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे मुजफ्फरपुर के टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। इलाज के दौरान भी आर्थिक संकट सामने आने पर राजेश कुमार रजक ने व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग जारी रखा। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से भी रोशनी के इलाज में सहयोग की अपील की। उनकी अपील पर कई लोग आगे आए और बच्ची के इलाज में आर्थिक सहयोग किया।

इलाज के बाद रोशनी सोमवार को अपने घर वापस लौटी है, लेकिन परिजनों के अनुसार उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उसे आगे भी बेहतर इलाज और लगातार देखभाल की जरूरत है। ऐसे में परिवार को समाज के लोगों से निरंतर सहयोग की उम्मीद है।

इसी क्रम में राजेश कुमार रजक मंगलवार को एक बार फिर रोशनी के घर पहुंचे और उसके इलाज के लिए आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आगे भी अपनी क्षमता के अनुसार हरसंभव मदद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में इलाज रुकना नहीं चाहिए और बच्ची की जिंदगी बचाना सबसे जरूरी है।

समाजसेवी राजेश कुमार रजक ने कहा कि “मानव सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई सेवा नहीं है।” उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंद परिवार के साथ खड़े हों और रोशनी के इलाज में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें, ताकि एक होनहार छात्रा को बेहतर इलाज मिल सके और उसकी जिंदगी बचाई जा सके। फिलहाल रोशनी का परिवार समाज के सहयोग की उम्मीद लगाए हुए है। परिजनों का कहना है कि सामूहिक सहयोग से ही रोशनी के इलाज को आगे जारी रखा जा सकेगा।

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