समालखा, धर्मवीर शर्मा : शनिवार को समालखा हलके के छदिया गांव की चौपाल में यूजीसी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज के पदाधिकारियों एवं युवाओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित यूजीसी एक्ट के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए पंडित सूरत सिंह और पूर्व सरपंच सतनारायण गंगा स्वरूप ने कहा कि यूजीसी एक्ट लागू होने के बाद इसके दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि कानून का गलत इस्तेमाल हुआ तो सवर्ण समाज के बच्चों को झूठे मामलों में फंसाए जाने की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि कानून के संभावित दुरुपयोग से 36 बिरादरी के बीच आपसी भाईचारे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि यूजीसी एक्ट को लागू करने से पहले इसके प्रावधानों और संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज इस कानून को लागू किए जाने के पक्ष में नहीं है।
आरक्षण आर्थिक आधार पर करने की मांग।बैठक में मौजूद लोगों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मौजूद हैं, इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए। लोगों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर दिए जाने की व्यवस्था पर विचार किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि सरकार द्वारा यूजीसी एक्ट लागू किया जाता है तो सवर्ण समाज इसके विरोध में आवाज उठाएगा और अपनी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेगा।
इस दौरान पंडित गंगा स्वरूप, पंडित मुकेश शर्मा, सोनू शर्मा, डॉ. इंदर, सुंदर मास्टर, कृष्ण भगत, प्रदीप, शुभम शर्मा, अनुज शर्मा, निखिल शर्मा, आशु, अजय, हरीश, कमल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
