शेखपुरा, उमेश कुमार : आगामी मानसून और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद ने गुरुवार को जिले के बाढ़-संवेदनशील प्रखंड घाटकुसुम्भा का सघन दौरा किया। उनके साथ जिला प्रशासन की पूरी टीम मौजूद रही।
घाटकुसुम्भा क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान हरोहर नदी के जलस्तर बढ़ने से भारी जलजमाव हो जाता है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि जलभराव के कारण आवागमन और खेती दोनों ठप हो जाती है। उन्होंने क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की ताकि राहत और योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
डीएम ने दिए ये निर्देश:
- प्री-डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत सभी तैयारियां समय से पूरी करें, बाढ़ का इंतजार न करें।
- तटबंधों की मजबूती और नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों की घेराबंदी-मरम्मत कराएं।
- ऊंचे स्थानों पर शरण स्थल और सामुदायिक रसोई के लिए जगह चिह्नित करें।
- नाव, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
जिलाधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा है। आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो, इसके लिए सभी अधिकारी समन्वय से काम करें।”
भ्रमण के दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण अभियंता उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार मानसून से पहले प्रशासन ठोस कदम उठाएगा, जिससे नुकसान कम होगा।
