पटना नगर निगम द्वारा मनमाने ढंग से कचरा शुल्क लिए जाने से आम जनों में आक्रोश

पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24): पटना नगर निगम के पूर्व उप महापौर सह भाजपा नेता संतोष मेहता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि नगर निगम इस करोना काल में मनमाना कचरा शुल्क की वसूली कर आमजनों के साथ डकैती करने पर उतारू है।
इन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थाई समिति के बाद निगम बोर्ड की बैठक में मनमाना कचरा शुल्क के प्रस्ताव को पारित कर जनहित में अनुचित फ़ैसला लिया है इससे आमजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा जबकि करोना की बीमारी से लोगों की आर्थिक हालात पहले से हीं जर्जर है इस पर निगम द्वारा कचरा शुल्क की मार लोगों के लिए असहनीय हो गया है।
श्री मेहता ने आगे उदाहरण के तौर पर बताया कि किसानों के आलू रखने की जगह को गोदाम का दर्जा देकर 1 हज़ार रुपया मासिक वसूला जा रहा है, उल्लेख है कि किसान अपने खेतों से उपजे आलू को घर पर लाकर एक महीने के अंदर कोल्ड स्टोरेज में डाल देता है लेकिन अब 11महीना किसानों को एक हज़ार मासिक कचरा शुल्क के रूप में गोदाम के नाम पर टैक्स भरना पड़ेगा जो न्याय संगत नहीं है।इसी तरह है जिम में कौन सी गंदगी फैलती है ? जिससे 1 हज़ार रुपया मासिक टैक्स वसूलने का प्रावधान किया गया है. पूर्व उपमहापौर श्री मेहता ने राज्य के उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तझेप करने की माँग करते हुए कहा कि कचरा शुल्क को जनहित में संशोधित कर लागू किया जाय।