पटना, अजीत। राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित प्राथमिक विद्यालय, प्रखंड कॉलोनी की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है, जहां अब शिक्षा की बजाय भय और असुरक्षा का माहौल हावी है. विद्यालय में कार्यरत रसोइया अरुण पंडित पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने स्कूल परिसर को नशे का अड्डा बना दिया है।
आरोप है कि अरुण पंडित स्कूल परिसर में चाय का ठेला लगाता है, जहां चाय के साथ-साथ गुटखा, सिगरेट, खैनी, बीड़ी और गांजा जैसे नशीले पदार्थ खुलेआम बेचे जाते हैं. यहाँ तक कि शराब पीने वालों का भी जमावड़ा लगने लगा है, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय दबंगों का स्कूल में आना-जाना आम हो गया है, जिससे महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. विद्यालय की शिक्षिका नीतू शाही ने जब इस गतिविधि का विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज और अभद्र भाषा का सामना करना पड़ा।
शिक्षिका नीतू शाही का कहना है कि अरुण पंडित उन्हें खुलेआम धमकी देता है और दुर्व्यवहार करता है. उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चों से झाड़ू तक लगवाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों का विद्यालय पर से भरोसा उठ चुका है. यही कारण है कि बच्चों की संख्या लगातार घट रही है और कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला रहे हैं।
नीतू शाही, जो बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित शिक्षिका हैं, ने इस पूरे मामले की शिकायत फुलवारी शरीफ के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सुशील कुमार सिंह से की है. उन्होंने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायत दर्ज हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक विद्यालय जाकर जांच तक नहीं की है, जबकि डीएसपी कार्यालय महज चंद कदम की दूरी पर स्थित है।
शिक्षिका का कहना है कि क्षेत्र के सभी लोग इस स्थिति से वाकिफ हैं, लेकिन डर के कारण कोई बोलने को तैयार नहीं है. यहां तक कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं। इस संबंध में स्थानीय वार्ड पार्षद पति पंडित का कहना है कि स्कूल के गेट पर अरुण पंडित सुबह कुछ देर के लिए चाय की दुकान चलाता है, लेकिन अन्य गतिविधियों की उन्हें जानकारी नहीं है।
