बिहार

छह माह से मध्याह्न भोजन की राशि लंबित, प्रधानाध्यापकों का अल्टीमेटम

फारबिसगंज, रंजीत ठाकुर। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। फारबिसगंज प्रखंड के मध्य एवं प्राथमिक विद्यालयों में पिछले छह माह से मध्याह्न भोजन योजना की राशि लंबित रहने से प्रधानाध्यापकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। राशि के अभाव में योजना का संचालन मुश्किल होने पर प्रधानाध्यापकों ने अब आर-पार की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि 31 अक्टूबर 2026 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो 1 नवंबर से मध्याह्न भोजन योजना का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।

इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को द्विजदेनी उच्च विद्यालय, फारबिसगंज में प्रखंड के प्रधानाध्यापकों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में छह माह से राशि का भुगतान नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई गई। प्रधानाध्यापकों ने कहा कि बच्चों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अपने वेतन और उधार की राशि से खर्च उठाना पड़ रहा है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण विद्यालयों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

वेतन और उधार के भरोसे चल रही योजना-

प्रधानाध्यापकों का कहना है कि बच्चों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन योजना के संचालन के लिए जरूरी राशि समय पर उपलब्ध कराना भी शिक्षा विभाग का दायित्व है। राशि नहीं मिलने से शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है और विद्यालयों के लिए योजना को आगे जारी रखना कठिन होता जा रहा है।

बच्चों के पोषण पर पड़ सकता है असर-

बैठक में प्रधानाध्यापकों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले भोजन पर पड़ सकता है। इससे बच्चों के पोषण के साथ-साथ विद्यालयों में उनकी उपस्थिति भी प्रभावित होने की आशंका है।

अब निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं। 31 अक्टूबर की समयसीमा नजदीक है और 1 नवंबर से भोजन बंद करने की चेतावनी ने मामले को गंभीर बना दिया है। ऐसे में देखना होगा कि विभाग समय रहते बकाया राशि जारी कर बच्चों के भोजन पर मंडरा रहे संकट को टाल पाता है या नहीं।

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