अररिया, रंजीत ठाकुर। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल सुरक्षा और शोषण से बचाव को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अररिया की ओर से सोमवार को नरपतगंज प्रखंड के बसमतिया और फुलकाहा स्थित शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत कानूनी अधिकारों, यौन उत्पीड़न की रोकथाम और साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
बसमतिया स्थित मदरसा दरसगा इस्लामिया हाई स्कूल में पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन और अधिकार मित्र विनय ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना केवल सरकार और परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। बाल श्रम, बाल विवाह और बच्चों के शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए जागरूकता जरूरी है।
शिविर में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, बाल श्रम निषेध अधिनियम और शिक्षा के अधिकार से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए किसी भी असहज स्थिति, दुर्व्यवहार या प्रताड़ना की जानकारी तत्काल अभिभावकों अथवा शिक्षकों को देने की सलाह दी गई। ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने और साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। आपात स्थिति में सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी दी गई।
वहीं, फुलकाहा स्थित कुनकुन देवी उच्च विद्यालय सरस्वती विद्या निकेतन में प्रधानाध्यापक मोहम्मद महफूजुल्लाह की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने विद्यार्थियों को बच्चों के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा, यौन उत्पीड़न से बचाव और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति से मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
दोनों शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई करने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी खतरे की स्थिति में समय रहते सहायता लेने का संदेश दिया गया।
मौके पर रहे उपस्थित-
बसमतिया में प्रधानाचार्य मोहम्मद फिरदौस नदवी, कलामुद्दीन मजाहरी, मोइनुदीन मजाहरी, मोतिउर्रहमान कासमी और मोहम्मद आरिफ मजाहरी सहित शिक्षक व छात्र मौजूद रहे। वहीं फुलकाहा में प्रधानाध्यापक मोहम्मद महफूजुल्लाह, ब्रजभूषण यादव, नागमणि कुमार, नदीम सईद, रवि किशन, चंद्रकिशोर मेहता, मणिप्रभात, विजय कुमार मंडल, वीरेंद्र मंडल, गणेश प्रसाद, नेहा सिन्हा, रिकेबी कुमारी, त्रिभुवन राय, रोशन आनंद और लाइब्रेरी सुपरवाइजर रूपम कुमारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
