कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रम का मोनिटरिंग पोषण ट्रैकर के माध्यम से किया जा रहा है। पोषण ट्रैकर में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर माह अगस्त 2026 के लिए राज्य के सभी जिले एवं परियोजनाओं का विभिन्न प्रमुख संकेतकों यथा- आंगनबाड़ी केंद्र संचालन, कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान एवं प्रबंधन, वृद्धि निगरानी, लाभार्थियों का सत्यापन, टीएचआर वितरण, एप्पलीकेशन में केंद्र का निरीक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण संकेतों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए जिला एवं परियोजना की रैंकिंग तैयार की गई है। उक्त रैंकिंग के आधार पर कटिहार जिले को राज्य में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी द्वारा जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) कर्मियों को बधाई दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा आगे भी आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित संचालन करने का निर्देश दिया गया है जिससे कि केंद्र द्वारा स्थानीय गर्भवती/धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध हो सके और दोनों स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकें। केंद्र का संचालन गुणवत्तापूर्ण और विभागीय नियमानुसार किया जाय । प्रत्येक योग्य लाभुकों को संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाए। पोषण माह के दौरान विभिन्न जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन नियमित किया जाय।
पोषण ट्रेकर के सभी इंडीकेटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन:
आईसीडीएस जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमारी पूर्णिमा ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में कुल शत प्रतिशत लाभार्थियों को चिन्हित करते हुए राशन सुविधाओं का लाभ एफ आर एस के सत्यापन पश्चात उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें जिले के सभी प्रखंडों में इसके साथ साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 87.94 प्रतिशत लाभार्थियों का आभा आईडी सत्यापन किया गया है। इसके साथ साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के उपस्थित बच्चों में 25.59 प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड और 24.21 प्रतिशत बच्चों का अपार कार्ड बनाया गया है जिससे कि बच्चों को भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का आसानी से लाभ उपलब्ध हो सकेगा।
जिन बच्चों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है उन सभी के लिए विशेष आधार कैम्प आयोजित किया जाएगा। जिले के 99.86%बच्चो के वृद्धि निगरानी की गई। जिले के सभी प्रखंडों में 99.97 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का समय से शुरुआत सुनिश्चित किया जाता है जिससे कि सभी को लाभ उपलब्ध हो सके। इसके साथ साथ आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा माँ और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करने के लिए गृह भ्रमण सुनिश्चित किया जाता है। जिले के 99.96 प्रतिशत घरों का भ्रमण करते हुए सेविकाओं द्वारा माँ और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है और जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। कुल 24 इंडीकेटर में कटिहार की स्थिति उत्कृष्ट रहा। नियमित रूप से पोषण ट्रेकर के माध्यम से जिला के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का मोनिटरिंग डिजिटल रूप से भी किया जा रहा है। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिका द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर केंद्र संचालन की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। सभी आंगनबाड़ी सेविका द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप्स पर शत प्रतिशत आंकड़ों की सुनिश्चित किया जाय।
शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य के लिए बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है जांच और टीकाकरण :
जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने कहा कि माँ और बच्चों को बेहतर जांच और टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी केंद्रों में भीएचएसएनडी साइट का संचालन निष्पादित किया जाता है। जिले के सभी केंद्रों में 99.82 प्रतिशत भीएचएसएनडी केंद्रों में जांच और उपचार निष्पादित किया जाता है। इसके लिए एएनएम द्वारा क्षेत्रों का नियमित रूप से भ्रमण करते हुए लाभार्थियों को समय पर टीकाकरण उपलब्ध कराई जाती है। इस दौरान बच्चों को किसी तरह की समस्या होने पर लाभार्थी को एएनएम द्वारा उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महिला और शिशुओं को समय पर टीकाकरण उपलब्ध होने से माँ और बच्चे बिल्कुल स्वास्थ्य जीवन का लाभ उठाते हैं। जिला/प्रखंड एवं सेक्टर स्तर पर संबंधित पदाधिकारी द्वारा प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्रों का मोनिटरिंग किया जा रहा है।
