बिहार

सुबह सुबह बिहटा सरमेरा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अनियंत्रित बालू लदे ट्रक ने सीएनजी टेम्पो को मारी टक्कर

फुलवारीशरीफ, अजीत। पटना-बिहटा-दनियावां-सरमेरा एसएच-78 पर गौरीचक थाना क्षेत्र के सैदननपुर गांव के सामने गुरुवार की सुबह करीब साढ़े छः बजे हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. तेज रफ्तार और अनियंत्रित बालू लदे ट्रक ने एक सीएनजी टेम्पो में जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि टेम्पो के परखच्चे उड़ गए. हादसे में मां और उसके तीन वर्षीय मासूम बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने टेम्पो में फंसे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही गौरीचक, पचरुखिया और फतुहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस घटना के बाद कई घंटों तक हाईवे जाम कर आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया।

वहीं मृतकों की पहचान शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी सुलेखा देवी (36 वर्ष) और उनके तीन वर्षीय पुत्र ऋषभ कुमार के रूप में हुई है. वहीं घायलों में टेम्पो चालक गौतम कुमार यादव, उनकी आठ वर्षीय पुत्री रिया कुमारी तथा एक अन्य बच्ची तान्या शामिल हैं. तीनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

परिजनों के अनुसार गौतम कुमार यादव अपने परिवार के साथ पटना के पटनपुरा डेरा में रहते हैं और सीएनजी टेम्पो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. गुरुवार की सुबह वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ टेम्पो से पटनपुरा जा रहे थे. इसी दौरान सैदननपुर गांव के समीप सामने से आ रहे अनियंत्रित बालू लदे ट्रक ने टेम्पो में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे यह भीषण हादसा हो गया।

दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोगों ने पटना-बिहटा-दनियावां-सरमेरा एसएच-78 को जाम कर घंटों प्रदर्शन किया. इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया.

प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची गौरीचक, पचरुखिया, फतुहा समेत कई थानों की पुलिस को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. आक्रोशित लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि इस हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है, लेकिन गांव के सामने बेलगाम रफ्तार पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना था कि सैदननपुर गांव के सामने स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस निगरानी नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं. उन्होंने प्रशासन से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने, दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त हुआ और हाईवे पर वाहनों का परिचालन फिर से सामान्य हो सका। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. ट्रक को जब्त कर लिया गया है तथा चालक की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।

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