झारखंड(न्यूज़ क्राइम 24): चाईबासा हाथियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोगों को जान माल का नुक़सान होता है और इसका मुख्य कारण हाथियों के आवागमन के बारे में सटीक जानकारी नहीं हो पाना माना जाता है. इस खतरे से बचाव के लिए वन विभाग में एक नई पहल की है. जिससे हाथियों के हर मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों और विभाग दोनों को रहेगी.
वन विभाग हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ग्रामीणों का सहारा ले रहा है. हर गांव से कुछ लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके पास स्मार्टफोन हो. उन्हें वन विभाग द्वारा बनाए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जा रहा है. व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े सदस्य अपने क्षेत्र में हाथियों की गतिविधि से संबंधित जानकारी साझा करेंगे, जिससे आसपास के गांव के लोगों को हाथियों के बारे में जानकारी मिल जाएगी और वह पहले से सतर्क हो जाएंगे.
हाथियों के मूवमेंट के बारे में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए वन विभाग को भी लगातार जानकारी मिलती रहेगी और उसके हिसाब से विभाग अपनी रणनीति तय करके काम कर सकेंगा. चाईबासा वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार बताते है कि इस पर काम किया जा रहा है. वन समितियों को इसके लिये प्रशिक्षणभी दिया गया है. उन्होंने बताया कि ओड़िसा के जंगलो से सटा होने के कारण कभी भी हाथी यहां पर प्रवेश कर जाते हैं. व्हाटसऐप के जरिए किसी भी प्रकार हाथियों से संबंधित जानकारी को तुरंत शेयर किया जाएगा और किसी भी घटना को रोका जा सकेगा.
