बिहार

जिले के 51 टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार सेवन के लिए किया गया फूड वितरण

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24)  जिले में टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ स्थानीय गणमान्य लोगों द्वारा भी आवश्यक प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत स्थानीय लोगों द्वारा टीबी से ग्रसित मरीजों को टीबी मुक्त होने तक गोद लेकर उन्हें हर माह फूड वितरण किया जाता है। इसमें जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ देवी राम द्वारा ज्यादा से ज्यादा टीबी ग्रसित मरीजों को लगातार फूड उपलब्ध कराते हुए उन्हें टीबी मुक्त करने का बेहतर प्रयास किया जा रहा है। उनके द्वारा नियमित रूप से टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए उन्हें बेहतर पोषाहार के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराई जाती है।

मंगलवार को निक्षय पोषण दिवस के अवसर पर डॉ देवी राम के सौजन्य से जिले के 51 टीबी ग्रसित मरीजों को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के जिला यक्ष्मा केंद्र में जीएमसीएच चिकित्सक सह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अध्यक्ष डॉ सुधांशु कुमार द्वारा टीबी से सुरक्षा के लिए फूड वितरण किया गया। इस दौरान जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन दास के साथ जीएमसीएच चिकित्सक सह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप कुमार, डीपीएस राजेश शर्मा के साथ डॉ. देवी राम के सहायक व समाजसेवी अनिल अग्रवाल, एसटीएस जलालगढ़ धीरज निधि, एलटी कसबा रंजीत कुमार, टीबी-एचवी प्रशांत कुमार, टीबी चैंपियन साक्षी गुप्ता, मनेंद्र कुमार, जिला यक्ष्मा केंद्र के टीबी एचवी राजनाथ झा, लिपक उत्तम कुमार, तपन मिश्र, अमित कुमार, विनोद कुमार, संजय यादव एवं अन्य यक्ष्मा कर्मी उपस्थित रहे।

इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार ने सभी टीबी ग्रसित मरीजों को जिला यक्ष्मा केंद्र से लगातार दवाई लेने के साथ साथ दैनिक जीवन में आवश्यक पौष्टिक आहार का सेवन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार टीबी उन्मूलन दवाई के साथ पौष्टिक आहार का सेवन करने से ग्रसित मरीज सुनिश्चित समय में टीबी मुक्त हो सकते हैं। टीबी ग्रसित मरीजों को टीबी मुक्त करने के लिए आईएमए द्वारा भी आवश्यक प्रयास किया जा रहा है जिससे कि मरीजों को आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।

सही समय पर दवाई के साथ पौष्टिक आहार सेवन से लोग हो सकते हैं टीबी से सुरक्षित : सीडीओ

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सीडीओ डॉ. कृष्ण मोहन दास ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 तक भारत से टीबी बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार आवश्यक प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान के लिए समय समय पर टीबी स्क्रीनिंग कैम्प लगाया जाता है जहां से टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान करते हुए उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ साथ क्षेत्र में लोगों को टीबी से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि लोग स्वयं सजग होकर टीबी ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकें।

टीबी के संभावित मरीजों की पहचान के लिए जिले के सभी सरकारी अस्पताल में जांच व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग नजदीकी अस्पताल में जांच सुनिश्चित करना चाहिए ताकि समय पर जांच के बाद ग्रसित मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके और लोग समय पर टीबी मुक्त हो सकें। उन्होंने बताया कि टीबी ग्रसित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रति माह 500 रुपये सहयोग राशि के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। टीबी मरीजों को जिला यक्ष्मा केंद्र से लगातार दवाई लेते हुए उनका सेवन करने पर सहयोग राशि ग्रसित मरीजों के बैंक एकाउंट में सीधे तौर पर उपलब्ध हो जाता है।

निक्षय मित्र बनकर सामान्य लोग कर सकते हैं टीबी ग्रसित मरीजों की मदद : डीपीएस

जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीएस राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि टीबी मरीजों को लगातार आवश्यक दवाई के साथ पौष्टिक आहार का सेवन करने की जरूरत होती है। जिला यक्ष्मा केंद्र द्वारा सभी टीबी मरीजों को नियमित रूप से आवश्यक दवाई उपलब्ध कराई जाती है। दवाई के साथ मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निक्षय मित्र योजना संचालित किया जाता है। निक्षय मित्र योजना के तहत किसी भी योग्य व्यक्ति द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेकर उनके टीबी मुक्त होने तक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराई जाती है। निक्षय मित्र बनने के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने जिला यक्ष्मा केंद्र से संपर्क स्थापित किया जा सकता है। निक्षय मित्र बनने के लिए communitysupport.nikshay. in पर लॉगिन करने के बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान पर क्लिक करना होगा। उसके बाद निक्षय मित्र रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर क्लिक कर अपनी पूरी जानकारी देना होता है। इसके बाद ही इस अभियान से जुड़ा जा सकता है। इसके अलावा इस निक्षय हेल्प लाइन नंबर- 1800116666 पर कॉल कर के विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

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