फुलवारीशरीफ, अजीत। पुनपुन नदी में आई बाढ़ के कारण फुलवारी प्रखंड के सकरैचा पंचायत के धनुकी मुसहरी में कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं. बाढ़ का पानी निकलने के बाद जब प्रभावित परिवार अपने घर लौटे तो उन्हें उजड़े आशियाने का सामना करना पड़ा. कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
भाकपा माले प्रखंड सचिव गुरुदेव दास के नेतृत्व में टीम ने धनुकी मुसहरी और सलारपुर इलाके का दौरा कर बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया. टीम ने बताया कि धनुकी मुसहरी में शंकर मांझी, अनुज मांझी, नरेश मांझी और छोटे मांझी के मिट्टी के घर बाढ़ के पानी के कारण पूरी तरह गिर गए हैं या गिरने के कगार पर हैं. घर ध्वस्त होने के बाद इन परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि सरकारी राहत के नाम पर केवल 10 फीट की पॉलिथीन उपलब्ध कराई गई है. इससे खुले आसमान के नीचे रहने वाले परिवारों की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है. सलारपुर में भी इदल मांझी का घर बाढ़ के कारण ध्वस्त हो गया है. परिवार के घर में रखा खाद्य सामान भी पानी में बर्बाद हो गया. बताया गया कि एक गैर सरकारी संस्था की ओर से चूड़ा और मिठा उपलब्ध कराया गया था, उसी के सहारे परिवार किसी तरह भोजन कर रहा है।
भाकपा माले प्रखंड सचिव गुरुदेव दास ने सकरैचा पंचायत को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बाढ़ से जिन परिवारों के घर उजड़ गए हैं, उन्हें तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और एक क्विंटल अनाज उपलब्ध कराया जाए. साथ ही जिन गरीब परिवारों के मकान ध्वस्त हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. घर टूट जाने के कारण कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. ऐसे में प्रशासन को राहत और पुनर्वास के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
