बक्सर, (न्यूज़ क्राइम 24) फाइलेरिया उन्मूलन के लिए विभाग प्रतिबद्ध और लगातार प्रयासरत है. जिला से लेकर पंचायत स्तर तक बीमारी के बारे के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है और संदिग्ध मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है. “फाइलेरिया जानलेवा नहीं, पर एक घातक बीमारी है. इस बीमारी से ग्रसित लोगों का जीवन काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है”, यह संदेश जन समुदाय तक पहुँचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है जिससे लोग उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़ें और अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
2407 मरीज हैं जिला में प्रतिवेदित :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अभी जिला में 2407 फाइलेरिया मरीज प्रतिवेदित हैं और सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. फ़रवरी 2026 के राउंड के लिए संबंधित प्रखंड राजपुर, इटाढी, डुमरांव, सिमरी, ब्रह्मपुर, चौगाई एवं केसठ के तीन चयनित साईट पर नाईट ब्लड सर्वे कराया जाएगा. साईट के चयन के लिए उक्त प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है. उन्होंने बताया कि जिला के चौसा, नावानगर, चक्की एवं सदर प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में 2 परपसिव और 1 रैंडम साईट का चयन किया जाना है जहाँ प्री टास गतिविधि संचालित की जाएगी।
मरीजों को दिया जाता है आवश्यक प्रशिक्षण और किट :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 660 मरीजों को एमएमडीपी किट प्रदान की गयी है. साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन मरीजों को किट मिल रही है उन्हें इसके इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है. जिला के इटाढी प्रखंड के उनवास पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ महेंद्र कुमार ने बताया कि एमएमडीपी किट में मरीजों को डेटॉल साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, टब, मग, तौलिया, और अन्य सामग्री प्रदान की जाती है. साथ ही मरीजों को फाइलेरिया ग्रसित अंगों की किट के माध्यम से नियमित देखभाल के तरीके सिखाए जाते हैं. उन्होंने बताया कि एमएमडीपी व्यव्हार अपनाकर रोगी अपने जीवन को आसान बना सकते है।
रोगी हितधारक मंच बना जागरूकता फैलाने का सशक्त जरिया :
डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि सिफार के तकनीकी सहयोग से गठित रोगी हितधारक मंच (सीएचओ-पीएसपी) समुदाय के फाइलेरिया मरीजों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अमूल्य काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि समुदाय में फाइलेरिया बीमारी से जुडी भ्रांतियों को दूर करने में मंच के सदस्य सराहनीय कार्य कर रहे हैं. आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर गठित रोगी हितधारक मंच एमडीए अभियान और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निरंतर सुनिश्चित कर रहे हैं. डुमरांव के कोरनसराय आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रोगी हितधारक मंच से जुड़ी सीएचओ-पीएसपी सदस्य कुमा देवी बताती हैं कि वह खुद फाइलेरिया मरीज हैं जिससे वह समुदाय से बेहतर तरीके से अपने अनुभव साझा कर पा रहीं हैं. उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग यह समझते हैं कि यह अनुवांशिक बीमारी है और उन्हें बताया जाता है कि यह बीमारी अनुवांशिक नहीं बल्कि मच्छर के काटने से होती है और मच्छर से बचाव के साथ स्वच्छता का पालन कर इस बीमारी से सुरक्षित रहा जा सकता है. लोगों को बताया जाता है कि एमडीए अभियान के दौरान खिलाने वाली दवा का सेवन कर इस बीमारी से सुरक्षित रहा जा सकता है।
