फुलवारीशरीफ, अजीत। राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ नगर क्षेत्र के ईसापुर रोड में बिजली का पाइप जमीन के अंदर बिछाने के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढे लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन रहे हैं. सड़क किनारे और आवाजाही वाले स्थानों पर दर्जनों जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, लेकिन इन स्थानों पर सुरक्षा के लिए न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही बैरिकेडिंग, लाल झंडा, लाल कपड़ा या कोई अन्य संकेतक लगाया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित कंपनी द्वारा एक स्थान पर गड्ढा खोदकर दो-चार दिन काम किया जाता है और इसके बाद कई दिनों तक काम बंद छोड़ दिया जाता है. इसके बाद दूसरे स्थान पर गड्ढा खोदकर काम शुरू कर दिया जाता है. इससे सड़क के कई हिस्सों में एक साथ खुले गड्ढे बने हुए हैं और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जगहों पर गड्ढे इतने खुले और असुरक्षित हैं कि पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक सवारों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. अंधेरे में इन गड्ढों का पता नहीं चलने से लोग चोटिल भी हो रहे हैं. दुकानदारों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास कार्य कराने से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन होना चाहिए।
लोगों ने संबंधित कंपनी और अधिकारियों से मांग की है कि जहां भी सड़क या फुटपाथ की खुदाई की गई है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग की जाए. साथ ही चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा टेप, लाल झंडे अथवा अन्य स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं, ताकि राहगीरों को पहले से पता चल सके कि आगे सड़क खुदी हुई है और वे सावधानी से निकल सकें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर खुदाई की जाती है तो काम को जल्द से जल्द पूरा कर गड्ढे को भरकर सड़क को सामान्य स्थिति में लाया जाए. लंबे समय तक खुले गड्ढे छोड़ना लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. लोगों ने प्रशासन से भी पूरे मामले की जांच कर संबंधित एजेंसी को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
लापरवाही पर उठे सवाल-
स्थानीय लोगों का कहना है कि काम करने वाली एजेंसी को विकास कार्य पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन इसके साथ राहगीरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. सड़क पर खुदाई के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और टेप लगाना जरूरी है, ताकि लोग संभलकर निकल सकें और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
