बिहार

पटना में इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मनाई गई देव पूर्णिमा, सहस्र जल से हुआ महाप्रभु का महाभिषेक

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राजधानी पटना के बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में सोमवार को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ स्नान उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा का पंचगव्य और सहस्र जल से महाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया तथा गजावेश में भक्तों को दिव्य दर्शन कराए गए। महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन से हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्सव में भाग लेकर भगवान के दर्शन किए। इस अवसर पर बताया गया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा को देव पूर्णिमा या स्नान पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जिसका भगवान जगन्नाथ की परंपरा में विशेष महत्व है।

इस्कॉन टीएमसी के को-चेयरमैन रमण मनोहर दास ने भगवान जगन्नाथ की लीला और स्नान यात्रा का महत्व बताते हुए कहा कि राजा इंद्रद्युम्न द्वारा भगवान जगन्नाथ की स्थापना के बाद पहला भव्य स्नान उत्सव ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि स्नान के बाद भगवान 15 दिनों तक अनासर काल में एकांतवास करते हैं, जहां उन्हें औषधीय काढ़ा और सात्विक भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद भगवान स्वस्थ होकर आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के लिए निकलते हैं। टीएमसी सदस्य राधापति चरण दास ने गजावेश की परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान के भक्त गणपति भट्ट की इच्छा पूरी करने के लिए महाप्रभु ने स्नान पूर्णिमा के दिन गणेश स्वरूप यानी गजावेश में दर्शन दिए थे। तभी से स्नान यात्रा के दिन भगवान को गजावेश में सजाने की परंपरा चली आ रही है। उत्सव में टीएमसी सदस्य वेणू विनोद दास सहित इस्कॉन के आजीवन सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Related posts

सम्राट चौधरी की सरकार ने शिक्षा के भगवाकरण की नीति अपनाई ; जनता दल यू और एनडीए के अन्य घटक दलो की चुप्पी क्यों : एजाज अहमद

मनेर में पासपोर्ट एवं उपडाकघर ऑफिस को RDX से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; परिसर खाली कराया, पुलिस बल तैनात

राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के समक्ष जन सुराज पार्टी के दर्जनों नेताओं ने राजद की सदस्यता ग्रहण की

error: