अररिया, रंजीत ठाकुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गाउँपालिका-3 स्थित कप्तानगंज में बोलबम यात्रा के दौरान धार्मिक झंडा और डीजे को लेकर शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। हिंसा के दौरान नेपाल पुलिस की फायरिंग में 24 वर्षीय युवक ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। उधर, नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नेपाल की घटना के बाद अररिया जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। जिला पदाधिकारी बिनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार एवं डीएसपी राजकिशोर कुमार ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटे मानिकपुर सीमा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीमावर्ती गांवों के लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली तथा शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की।
जानकारी के अनुसार, पिंडेश्वर धाम के लिए निकाली जा रही बोलबम यात्रा के दौरान धार्मिक झंडा और डीजे बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। हालात बेकाबू होने पर नेपाल पुलिस ने पहले अश्रुगैस के गोले दागे और बाद में फायरिंग की। घायल ओमप्रकाश मेहता की इलाज के दौरान विराटनगर में मौत हो गई। हिंसा में एक पुलिस निरीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
उग्र भीड़ ने कप्तानगंज बाजार में कई घरों, मेडिकल स्टोर, वाहनों और अन्य प्रतिष्ठानों में आगजनी की। प्रशासन ने पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर कर्फ्यू लागू कर दिया है। मामले की जांच जारी है। इधर, भारत-नेपाल सीमा पर फुलकाहा, घूरना, बसमतिया, बेला समेत सभी संवेदनशील क्षेत्रों में एसएसबी और बिहार पुलिस द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च और सघन निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। 56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा के सहायक कमांडेंट नितिन गुप्ता ने बताया कि नेपाल की घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा और चौकसी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण है तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एसएसबी पूरी तरह तैयार है।
