फुलवारीशरीफ, अजीत। फुलवारी शरीफ के नया टोला स्थित उच्च विद्यालय परिसर में मंगलवार को समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद रविशंकर प्रसाद, फुलवारी शरीफ विधायक श्याम रजक, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और जीविका दीदियां शामिल हुईं. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ना, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं को छोटे बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. राज्य में करीब 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेविका-सहायिकाएं बच्चों और परिवारों के बीच काम कर रही हैं. सरकार का प्रयास है कि कोई भी बच्चा पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से वंचित नहीं रहे।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पौष्टिक आहार मिले, उनकी नियमित उपस्थिति हो और वे आगे चलकर विद्यालयी शिक्षा से जुड़ें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना जरूरी है।
जनप्रतिनिधि करें आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण-
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने और वहां की समस्याओं की जानकारी सरकार तक पहुंचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि केंद्रों में किसी प्रकार की कमी या गड़बड़ी नहीं हो तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से बच्चों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों से की मुलाकात-
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आंगनबाड़ी केंद्र भी पहुंचे और वहां बच्चों से मुलाकात की. उन्होंने बच्चों से बातचीत कर आंगनबाड़ी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली. इस दौरान बच्चों के बीच मिठाइयां और फल वितरित किए गए. मुख्यमंत्री के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर बच्चों और वहां मौजूद सेविका-सहायिकाओं में उत्साह देखा गया।
29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा अभियान-
समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि 29 और 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर को ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. अभियान के माध्यम से जीविका दीदियां, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं और जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाएं बच्चों और उनके परिवारों से सीधे जुड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों तक पहुंचने के लिए सबसे पहले उनके माता-पिता, विशेषकर माताओं का विश्वास हासिल करना जरूरी है. परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं के साथ बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण और बाल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने अभियान को बताया उपयोगी पहल-
उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अभियान के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता को विस्तार से बताया है. उन्होंने कहा कि बच्चों और परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने के लिए इस तरह की गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी और आने वाले समय में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
फुलवारी को कार्यक्रम के लिए चुने जाने पर श्याम रजक ने जताया आभार-
फुलवारी शरीफ के जदयू विधायक श्याम रजक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताते हुए कहा कि ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के लिए फुलवारी शरीफ को चुना जाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से बच्चों और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण बच्चों के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
श्याम रजक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेविकाओं और विभागीय कर्मियों ने बाल विकास, पोषण, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, जीविका दीदियां और संबंधित विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।
