पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) रक्षाबंधन के अवसर पर इस वर्ष बिहार में लगभग 300 करोड़ रुपये के कारोबार होने की संभावना है। इसमें राखी, ज्वेलरी, इलेक्ट्रिक सामान, मिठाई सहित विभिन्न उत्पादों का व्यापार शामिल है। यह जानकारी कैट बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने दी।अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन बिहार के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इस अवसर पर बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से राखी, मिठाई, आभूषण और उपहार सामग्री की मांग बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इस बार भी प्रधानमंत्री जी के “लोकल फॉर वोकल” और “वोकल फॉर ग्लोबल” के आह्वान का असर बाजार में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बिहार के बाजारों में स्वदेशी राखियों की मांग और उपलब्धता अधिक है, जबकि चीन सहित अन्य देशों से आने वाली राखियों की जगह स्थानीय कारीगरों और घरेलू उत्पादकों द्वारा तैयार राखियों को प्राथमिकता दी जा रही है।कैट बिहार अध्यक्ष ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलती है, बल्कि छोटे कारीगरों, महिलाओं, लघु उद्यमियों और घरेलू उत्पादकों को भी रोजगार एवं आय के अवसर मिलते हैं। उन्होंने बिहार के लोगों से अपील की कि वे रक्षाबंधन के अवसर पर अधिक से अधिक स्वदेशी राखी एवं स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें, ताकि त्योहार की खुशियों के साथ-साथ बिहार की अर्थव्यवस्था और स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिल सके।
