डैम झील में गिरे हैलीकॉप्टर के सवार दोनों पायलटों के नहीं मिले शव

पठानकोट(कंवल रंधावा): जिला पठानकोट अधीन रणजीत सागर डैम की झील में आज सुबह लगभग साढे दस बजे, जमू कश्मीर की साईड की तरह पलाही गांव के समीप पुरथु गांव के साथ लगती झील में अचानक सेनाका हैलीकॉप्टर क्रैश हो कर गिर गया, जिससे हैलीकाप्टर में सवार पाइलट कैप्टन एएस बाठ तथा को पाइलट कैप्टन जयंत जोशी आठ घंटे तक चले सर्च ओपरेशन में नही मिल सके है, जिसके लिए उनकी तलाश में रणजीत सागर बांध परियोजना के प्रशासन की और से अपने दो बडे समुद्री बेडे जय व विजय को भी गोताखोरों के साथ उनकी तलाश करने के लिए झील में भेज दिया गया है। इसके साथ ही घटनास्थल पर कठुृया के एसएसपी आरसी कोतवाल, ममून कैंट में तैनात आर्मी के मेजर रिशी शर्मा, बांध प्रशासन के एसई हैडक्वार्टर नरेश महान, डीएसपी रूरल रविंद्र सिंह , नायव तहसीलदार नीरज शर्मा , सेना के अधिकारियों सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए है। बांध प्रशासन के एसई हैडक्वार्टर नरेश महाजन ने बताया कि जैसे ही उनको उक्त हादसें का पता चला तो उनके बांध प्रशासन ने उसी समय अपने दोनों बडे समुद्री बेडे झील में अधिकारियों सहित भेज दिए। इसके साथ ही वहां पर कुछ देर के बाद सेना के दो हैलीकापटर अपने टीम व गोताखोरों के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए तथा उक्त चापर में सवार दोनो पाइलटों की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी अपनी किश्तीयां ले कर रेस्क्यू ओपरेशन में जुट गई है। पाइलटों की तलाश के लिए दिल्ली से विशेष टीमों को भी बुलाया गया है, तथा उक्त टीमें अपने विशेश हैलीकापटर के माध्यम से वहां पर पहुंच गई है। उक्त टीम ने आते ही अपने पाइलटों की झील में तलाश करनी शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक बांध परियेाजना की झील में से उक्त दोनों पाइलटों का कोई पता नहीं लग सका है तथा सेना के गोताखोरों, एनडीआरएफ व अन्य लोगों की और से उनकी तलाश जारी है।