पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि सड़कों और पुलों के निर्माण व रख-रखाव में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को ‘संकल्प सभागार’ में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए।
बैठक के बड़े फैसले:
- हर पुल का सेफ्टी ऑडिट:
राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों से नियमित निरीक्षण होगा। तय मानकों के अनुसार सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। - पैसे की कमी नहीं: सीएम ने कहा कि सड़क-पुल के निर्माण और रख-रखाव के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। वित्तीय प्रबंधन बेहतर करके प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों।
- गंगा पथ फोरलेन पर काम तेज: मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर बनाने का निर्देश। सीएम ने कहा कि पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी और पर्यटन को इससे बड़ी मजबूती मिलेगी।
सीएम ने कहा: “जनता को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा।”
बैठक में कौन थे मौजूद:
पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, CM के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, पुल निर्माण निगम अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे।
पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल ने बैठक में सड़क-पुल परियोजनाओं की प्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी दी।
