पटना, सोनू कुमार : कल दिल्ली के एक होटल में आग ने 21 जिंदगियों को निगल लिया। अभी उस आग की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि आज बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी आग ने कई जिंदगियां छीन लीं। बताते चलें कि मुजफ्फरपुर जिला में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा इलाका स्थित ‘प्रसाद हॉस्पिटल’ में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

आग के कारण पूरे अस्पताल भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इन मरीजों की हुई मौत
शशांक कुमार, औराई, मुजफ्फरपुर
गीता देवी, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर
उदय कुमार, तरियानी, शिवहर
कृष्ण नंदन
चंचला कुमारी
विशंभरपुर शिवहर के रहने वाले उदय कुमार चार दिन से अस्पातल में भर्ती थे। ब्रेन सर्जरी होने के बाद आईसीयू में थे। इनसे मिलने पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम, बेटी आकांक्षा अस्पताल में थीं। साला नीतीश भी था। सभी लोग साथ में थे। शोर होने पर जानकारी मिली, लेकिन जब तक पहुंचे, तब तक उदय कुमार की मौत हो चुकी थी।
दिस्तौलिया, कथैया की रहने वाली गीता देवी एक जून को भर्ती हुई थीं। शुगर और बीपी से ग्रसित थीं। उनका डायलिसिस चल रहा था। ये जानकारी उनके बेटे अनीश ठाकुर ने दी।
गोरिगमा डीह, मीनापुर के रहने वाले कृष्णनंदन सिंह डॉ. संजीव के यूनिट में इलाजरत थे। फेफड़ा में पानी था। 22 मई से भर्ती थे।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
आईसीयू में मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे कई मरीजों की हालत और गंभीर हो गई। कई मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
