पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पारदर्शी, न्यायसंगत एवं विधिसम्मत प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में शनिवार को “सरकारी सेवाओं में रोस्टर लेखन एवं आरक्षण नीति (SC, ST, OBC एवं दिव्यांगजन) तथा भर्ती नियम” विषय पर आयोजित दो दिवसीय स्ट्रेटेजिक इन-हाउस कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 17–18 जुलाई, 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्रोफेशनल ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से किया गया।
इस कार्यशाला में एम्स पटना के संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को आरक्षण संबंधी संवैधानिक प्रावधानों, रोस्टर प्रबंधन एवं भर्ती नियमों की व्यावहारिक एवं विधिक समझ प्रदान कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना था।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान संवैधानिक प्रावधान एवं आरक्षण व्यवस्था, भर्ती नियम एवं नियुक्ति प्रक्रिया, आरक्षण कोटा एवं रिक्तियों का निर्धारण, पोस्ट-आधारित रोस्टर का निर्माण, पदोन्नति में आरक्षण, डी-रिजर्वेशन, लायज़न अधिकारी की भूमिका, ऑडिट प्रक्रिया तथा रोस्टर लेखन एवं रोस्टर रिकास्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास एवं केस स्टडी के माध्यम से विषय की गहन जानकारी भी प्रदान की गई।
कार्यशाला के सभी तकनीकी सत्रों का संचालन डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर द्वारा किया गया। उन्होंने सरल एवं व्यावहारिक शैली में प्रतिभागियों को आरक्षण नीति और रोस्टर प्रबंधन से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला का समापन प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाण प्रदान किए। समारोह में उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल तथा डीन (अकादमिक) प्रो. पूनम प्रसाद भदानी भी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि सरकारी संस्थानों में आरक्षण नीति एवं रोस्टर प्रणाली का सही और पारदर्शी क्रियान्वयन सुशासन, समान अवसर और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला में अर्जित ज्ञान को अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्यजनों ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत सुशासन को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, व्यावहारिक एवं उपयोगी बताते हुए इसकी मुक्त कंठ से सराहना की। उनका मानना था कि कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण से रोस्टर तैयार करने, आरक्षण संबंधी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन तथा भर्ती प्रक्रियाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सहायता मिलेगी। यह प्रशिक्षण भविष्य में एम्स पटना की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त, दक्ष एवं नियमसम्मत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
