पटनासिटी, (न्यूज़ क्राइम 24) जमीन एवं आवास बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को कंगन घाट से खाजेकला घाट होते हुए नौजर घाट तक शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जमीन और आवास से जुड़े विवाद को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक एवं पूर्व पार्षद बलराम चौधरी, माले नेता राम नारायण सिंह, सीपीआई नेता देवरत्न प्रसाद, राजद नेता मो. जावेद सहित अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने किया। प्रदर्शन के दौरान “बुलडोजर की सरकार नहीं चलेगी”, “गरीबों को बेघर करना बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। नौजर घाट पहुंचने के बाद सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए बलराम चौधरी और राम नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े मामले में थाना संख्या को लेकर न्यायालय के समक्ष भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सैकड़ों वर्षों से लोग रह रहे हैं और गरीब मजदूरों ने मेहनत की कमाई से अपने आशियाने बनाए हैं।
वक्ताओं ने जमीन के दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को करीब 290 लोगों ने जमीन से संबंधित दस्तावेज न्यायालय/अंचलाधिकारी, पटना सिटी के समक्ष जमा किए हैं। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई की जा रही है। मोर्चा ने मांग की कि जमीन विवाद पर न्यायिक निर्णय होने तक प्रभावित लोगों की बिजली आपूर्ति बाधित न की जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गरीबों के आवास और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, मोर्चा के गोपाल साव और संजय गुप्ता ने राष्ट्रपति से मामले में मानवीय एवं जनहित के आधार पर हस्तक्षेप करने की मांग की। मार्च में बलराम चौधरी, राम नारायण सिंह, देवरत्न प्रसाद, मो. जावेद, शंभू प्रसाद, अजीत कुशवाहा, भुवनेश्वर राय, सुजीत गुप्ता, उदय यादव, सुधीर यादव, रवींद्र राय, गौरव कुमार, अतुल कुमार, अंजू पांडे, कावेरी देवी, लक्ष्मी देवी, शरीफ अहमद रंगरेज समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
