फुलवारीशरीफ, अजीत। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में हुई लगातार बारिश और जलजमाव ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं. बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है. इसके अलावा मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों में सांस से जुड़ी बीमारी और निमोनिया का खतरा भी बढ़ सकता है. पटना एम्स के जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति प्रकाश ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को संक्रमण और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाने पर विशेष जोर दिया.
जलजमाव में जाने से बचें, दूषित पानी से हो सकता है संक्रमण
डॉ. ज्योति प्रकाश ने बताया कि बारिश के बाद लंबे समय तक जमा रहने वाला पानी स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. जलजमाव वाले क्षेत्रों में काम करने या अधिक देर तक गंदे पानी के संपर्क में रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. दूषित पानी के इस्तेमाल से बुखार समेत कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि जलजमाव वाले पानी के संपर्क में सीधे न आएं. यदि किसी कारण से पानी में जाना पड़े तो बाहर निकलने के बाद शरीर और पैरों की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है.
पीने के पानी को लेकर रहें सतर्क
बारिश और जलजमाव के दौरान पेयजल की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. लोगों को केवल साफ और सुरक्षित पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए. संदिग्ध या दूषित पानी पीने से बचना चाहिए. घर में पानी को ढंककर रखना और भोजन को भी सुरक्षित तरीके से रखना जरूरी है. बारिश के बाद साफ-सफाई में लापरवाही संक्रमण का कारण बन सकती है.
बच्चों की सेहत पर विशेष नजर जरूरी
मौसम में बदलाव का असर छोटे बच्चों पर जल्दी पड़ सकता है. डॉ. ज्योति प्रकाश के अनुसार बच्चों में सर्दी, खांसी और सांस से संबंधित परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है. कुछ मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है. यदि बच्चे को लगातार खांसी-बुखार रहे, सांस लेने में परेशानी हो या उसकी तबीयत सामान्य से अलग दिखाई दे तो अभिभावकों को बिना देर किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. बच्चों को बारिश और ठंडे वातावरण में अनावश्यक रूप से बाहर ले जाने से बचना चाहिए.
गर्भवती महिलाओं को खराब मौसम में घर से निकलने से बचने की सलाह
गर्भवती महिलाओं के लिए भी खराब मौसम में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है. तेज बारिश, बिजली चमकने और गर्जना के दौरान उन्हें घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. जरूरी नहीं होने पर ऐसे मौसम में बाहर निकलने से बचना चाहिए. बारिश और जलजमाव के कारण रास्ते में फिसलन और अन्य जोखिम भी बढ़ जाते हैं.
बुजुर्ग भी रखें स्वास्थ्य का ख्याल
बुजुर्गों को मौसम में अचानक आए बदलाव से परेशानी हो सकती है. इसलिए उन्हें भीगने और ठंडे वातावरण के लंबे संपर्क से बचाना चाहिए. घर के आसपास जलजमाव हो तो वहां जाने से बचें. किसी तरह की कमजोरी, बुखार, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए.
बारिश के कारण एम्स की ओपीडी में भी कम पहुंचे मरीज
खराब मौसम और कई इलाकों में जलजमाव का असर पटना एम्स की ओपीडी पर भी दिखाई दे रहा है. डॉ. ज्योति प्रकाश ने बताया कि लगातार बारिश के कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है. कई लोग मौसम खराब होने के कारण घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. वहीं जलजमाव वाले क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी हो रही है.
स्वच्छता को लेकर लापरवाही नहीं बरतें
चक्रवात और बारिश के बाद लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है. घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें और पीने के पानी को दूषित होने से बचाएं. बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित वातावरण में रखें. बारिश के बाद स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को मामूली समझकर नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होगा।
