उत्तर प्रदेश, संजय कुमार तिवारी : बलिया जनपद से है, जहां बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के छाता आसचौरा गांव में जियूतपुत्रिका व्रत से पहले मडुआ के आटे की रोटी और लिट्टी खाने के बाद करीब दर्जनभर महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। अचानक महिलाओं की हालत खराब होने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में सभी महिलाओं को बलिया जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कई महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है।जानकारी के मुताबिक बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के छाता आसचौरा गांव की महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले मडुआ के आटे से बनी रोटी और लिट्टी खाई थी।
इसके बाद एक-एक कर कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। महिलाओं की हालत बिगड़ती देख परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वही बताया जा रहा है कि गांव की ही एक दुकान से मडुआ का आटा खरीदा गया था। आटा खाने के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की घटना को लेकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आटे में किसी तरह की मिलावट या विषाक्त पदार्थ होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन जांच में जुट गया है। वहीं, जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम सभी महिलाओं के उपचार में लगी हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
