बलिया, संजय कुमार तिवारी : यूपी से खबर सामने आ रहा कि यह हाथ में एक हजार पन्नो की मोटी फाइल और बेटे की तस्वीर को लेकर बैठे माता और पिता बेटे की राह देखते देखते डेढ़ साल बीत गए लेकिन आज तक बेटे रजत मिश्रा का पता नही लगा।योगी सरकार में न्याय की आस लगाकर अधिकारियों के कार्यालयों तक घूमता रहा कि मुझे न्याय मिले लेकिन आजतक न्याय नहीं मिला।
मामला बलिया के मनियर थाना क्षेत्र के कोटवा गांव का 12 वर्षीय मासूम रजत मिश्रा का 13.05.2025 में गांव से गायब हो गया और बेटे की गायब होने के बाद काफी खोजबीन की गई लेकिन कही कोई सुराग नहीं लगा तो परिजनों के द्वारा मनियर थाना में शिकायत की गई।बगल के रहने वाला यशराज तिवारी जो मेरे बेटे के साथ खेलता रहता था उससे पूछताछ किए लेकिन बताया नही। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित अखिलेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि दो दिन बाद पुलिस के द्वारा यह जानकारी मिली कि भोजपुरवा गांव के समीप घाघरा नदी के किनारे एक शव मिला है जब हम लोग गए तो शव की पहचान एक लाकीट और कपड़ा से पहचान हुआ लेकिन पुलिस ने कह दिया की यह आपके बेटे का शव नही है क्योंकि शव का चेहरा छतिग्रस्त हो गई थी और प्राइवेट पार्ट गायब था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पोस्टमार्टम के बाद पुलिस कहने लगी की आपके बेटे का शव नही है क्योंकि यह शव 65 किलो का है और उम्र लगभग बीस साल की है परिजनों ने पुलिस के कहने पर मान गए।लेकिन दिल में एक बेचैनी सी हो रही थी मां और पिता ने डीएनए टेस्ट की मांग की और डीएनए टेस्ट के लिए सेंपल भेज दिया गया लेकिन छः माह बाद डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट मिली और यह जानकारी पुलिस के द्वारा दी गई कि यह आपका ही बेटे से सेंपल मैच कर रहा है लेकिन आप लोग रोइए नही, नही तो अपराधी भाग जायेगा।पुलिस बार बार हमको गुमराह कर रही थी पितृपक्ष में मेरी मां को रात्रि के समय सोने के दौरान स्वप्न में यह दिखाई दे रहा था कि मेरा बेटा बरामदे से होकर सीढ़ी से उतरकर जा रहा है और जो गवाह था
उसको रात के समय सोने के दौरान दिखाई दे रहा था और आज वह हमारे यहां आया था कि आप जहां गवाही के लिए कहेंगे मैं वहां गवाही दूंगा। क्योंकि रात के समय स्वप्न में रजत मिश्रा दिखाई दे रहा है लेकिन डेढ़ साल बाद पितृपक्ष में अपने बेटे का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया हूं। मुझे कही से न्याय नही मिल रहा है मैं थाना से लेकर पुलिस अधिक्षक के कार्यालय और कोर्ट तक जा रहा हूं कोर्ट में मुझे मारा पीटा गया था गांव में मुझपर कई बार हमला किया गया फिर भी सुनवाई नही हो रही है कोर्ट में तारीख पर जाते है तो डर बना रहता है कभी पुलिस मिलती है तो कभी नही मिलती है कोर्ट जाने के लिए।
पुलिस पूरे मामले में लीपापोती करने में लगी है लोगों का गलत बयान कर गलत रिपोर्ट लगा रही है एडिशनल से लेकर सीओ के पास जाने पर भगा दे रहे है और कह रहे है कि तुम योगी के पास जाओ या कही जावों रिपोर्ट तो मुझे ही लगाना है। मैं किसी का नाम नही बताऊंगा क्योंकि मुझे डर है कि मेरे साथ भी घटना हो सकती है यशराज तिवारी जो जेल गया है वह बता रहा है कि मैं वहां गया तो वाहन पर ट्रैक्टर चल रहा था वही वह मेरे बेटे को छोड़ दिया था जहां मेरे दुश्मन का ट्रैक्टर चल रहा था मुझे शक है कि वही हत्या किया है मैने संजय दरोगा को बताया था प्रशासन हमे दबा रही है तुम दौड़ते रहो कुछ होगा नही, मुझे न्याय नहीं मिल रहा है सब बकवास है जो मुजरिम है वह खुलेयकम घूम रहा है बार बार जान से मारने की धमकी दे रहा है।
वही मृतक रजत मिश्रा की मां सुनीता मिश्रा ने बताया कि डेढ़ साल पहले किसी ने मेरे बेटे को जान से मरवा दिया भोजपुरवा नदी में डेडबोडी मिली थी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। छः माह बाद हम लोगों ने डीएनए टेस्ट कराया गया तो बच्चे से डीएनए टेस्ट मैच हो गया उसके बाद भी न्याय नही मिला है डेढ़ साल हो गया तो सोचे की उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाए। 13.05.2025 शाम का समय था उसी समय यशराज तिवारी बुलाकर के गया शाम को नही आया तो हम लोग खोजने लगे और फिर उसके पापा को फोन किया कि रजत घर नही आया है तो यशराज तिवारी को बुलाया गया तो यशराज तिवारी ने बताया कि हां वह मेरे साथ सरयू नदी के किनारे तक गया था मेरे दुकान से ठंडा लिया और उसमे क्या मिल दिया कर उसको पिलाया कि वह नदी तक चला गया मेरे बेटे को वहां छोड़कर वह खुद घर चला आया।
दो दिन बाद जानकारी मिली कि भोजपुरवा के समीप नदी में डेड बॉडी मिली है जेक्यूएम हम लोग गए तो देख कि लाकिट और कपड़े से पहचान आया लेकिन पुलिस कहने लगी कि यह आपके बच्चे डेढ़ बॉडी नही लेकिन जब डी एन ए हुआ तो वही हमारा बच्चा था थाने से लेकर एसपी तक गुहार लगाई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई बस यशराज तिवारी गिरफ्तार हुआ और बाकी मुलजिम ऐसे घूम रहे है पुलिस हम लोगों को गुमराह कर रही है हम लोगों का पेन ड्राइव तक पुलिस छुपा दी।अब पुलिस कह रही है कि अब यहां क्या आना है जो कार्यवाही थी वह हम लोगों ने कर दिया है। वही पुलिस से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो इस मामले में बोलने से इंकार कर दिया गया।
