बिहार

राजधानी से महज 15 किलोमीटर दूर धनकी मुसहरी में बाढ़ का कहर, दो दर्जन से अधिक परिवार पानी में घिरे

फुलवारीशरीफ, अजीत। राजधानी पटना मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर फुलवारी शरीफ प्रखंड के सकरैचा पंचायत स्थित धनकी गांव का महादलित टोला धनकी मुसहरी बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित है. टोले के दो दर्जन से अधिक परिवारों के घरों में पानी घुस गया है. वहीं, आने-जाने वाले रास्ते पर करीब छह फीट से अधिक पानी जमा होने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

बाढ़ की चपेट में अरुण मांझी, नरेश मांझी, राजू मांझी, करीमन मांझी, दरोगा मांझी, कुणाल मांझी, चिंटू मांझी, लगन मांझी, छोटे मांझी, बारू मांझी, शंकर डोम, इंद्रदेव मांझी, बिलटू मांझी, बिग्गू मांझी, कृष्ण मांझी, भाव सागर मांझी, अशोक मांझी, शाहिद सहित कई परिवार बताए जा रहे हैं. लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर चुका है और लगातार पानी बढ़ने से स्थिति गंभीर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार धनकी मुसहरी के बगल में स्थित धनकी गांव में भी बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है. कई मकानों के आंगन और नालियों तक पानी पहुंच चुका है. ग्रामीणों को आशंका है कि पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो जल्द ही गांव की गलियों और घरों में भी पानी प्रवेश कर सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत और बचाव की व्यवस्था नहीं की गई है. स्थानीय मुखिया मंटू कुमार यादव ने फिलहाल लोगों के आने-जाने के लिए नाव की व्यवस्था कराई है, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिली है।

मुखिया मंटू कुमार यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीति नहीं होनी चाहिए. सरकार और प्रशासन को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यापक इंतजाम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से राहत कार्य नाकाफी है. प्रभावित लोगों तक पर्याप्त सहायता नहीं पहुंच रही है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार यहां के पंचायत के संतोष कुमार सिंह मुखिया थे बाढ़ के समय उन्होंने लोगों को काफी मदद किया था सरकार और प्रशासन से ज्यादा संतोष कुमार मुखिया ने लोगों की मदद की थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि विधायक श्याम रजक भी बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि तत्काल जरूरत नाव, सुरक्षित स्थान, भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री की है।

Related posts

श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाकर सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ें : संजय सरावगी

श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा इस्कॉन मंदिर, भव्यता के साथ मनाई गई जन्माष्टमी

बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- स्थायी समाधान खोजने में विफल है डबल इंजन सरकार

error: