बलिया, संजय कुमार तिवारी : बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा गांव में घाघरा नदी में आई बाढ़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। बाढ़ पीड़ित लोगों को जिलाधिकारी के निर्देश पर भोजपुरवा गांव से पर्वतपुर बाढ़ शरणालय केन्द्रों पर बाढ़ पीड़ितों को रखा गया है भोजपुरवा से आने जाने के लिए दो नाव लगाई गई है और नाव के सहारे अपने अपने घरों को जा रहे है बाढ़ शरणालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है जहां लोगों को दवाएं दी के रही है वही बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि पशुओं के चारा के नाम पर बस सुखा भूसा दिया जा रहा है वह भूसा जिसके पास पांच भैंस है उसको पांच से छः तगाड़ी दिया जा रहा है जिससे पांचों भैंसों के लिए एक सप्ताह चलना काफी मुश्किल हो रहा है पांच भैंस तो एक दिन में ही समाप्त कर देंगी।
भूसा के अलावा चोकर, पराग नही दिया जा रहा है जिसके कारण पशुओं का भरण पोषण ठीक से नहीं हो रहा है।दो नाव लगी लगी है और चार घंटे से नाव का इंतजार कर रहे है कोई नाव वाला नही ले जा रहा है पशु चारा के लिया इंतजार कर रहे है।वही मुन्नी लाल यादव ने बताया कि हमारे पास 25 जानवर है और दो खाची हो भूसा मिला है 25 पशुओं को कैसे खिलाएंगे अधिकारी देखने के लिए आ रहा है कि कितना मिल रहा है दिक्कत हम लोगों को बहुत हो रही है।वही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि आज गंगा खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर है
पिछले चार दोनो से गंगा का जलस्तर घटा है और घाघरा नदी का जलस्तर खतरा के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर है लेकिन घाघरा नदी घटा है स्थिति काफी नियंत्रण में है हमारी टीमें चक्रमण कर रही है पशुओं के लिए कोई असुविधा नही हो उसके लिए भी हम लोग काम कर रहे है साथ ही साथ बाढ़ राहत सामग्री का भी वितरण हो रहा है राहत शिविर केन्द्र बने हुए है मेडिकल कीट का वितरण किया जा रहा है कि किसी को रात के समय बुखार हो जाए तो उसके लिए मेडिकल कीट का वितरण किया जा रहा है।
