बिहार

एम्स पटना में जुटे पूर्वी भारत के युवा मनोचिकित्सक, ज्ञान और अनुभव का हुआ संगम

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर ज्ञान और बेहतर संवाद जरूरी है।” इसी सोच के साथ एम्स पटना में 25वें ईस्ट जोन साइकियाट्री पोस्टग्रेजुएट सीएमई 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने पूर्वी भारत के युवा मनोचिकित्सकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाकर ज्ञान, अनुभव और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया। एम्स पटना के मनोचिकित्सा विभाग ने पाटलिपुत्र साइकियाट्री सोसाइटी के सहयोग से इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें सन फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड की अकादमिक भागीदारी रही। कार्यक्रम में पूर्वी भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों से 100 से अधिक पीजी विद्यार्थी, 30 फैकल्टी सदस्य और 50 से अधिक डेलीगेट्स शामिल हुए। वैज्ञानिक सत्रों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, संवादात्मक चर्चाओं और विचार-विमर्श ने प्रतिभागियों को मनोचिकित्सा के बदलते आयामों को समझने और अपने क्लिनिकल ज्ञान को और मजबूत करने का अवसर दिया।

इस सीएमई का विशेष फोकस किताबी ज्ञान को क्लिनिकल अनुभव से जोड़ने पर रहा। विशेषज्ञों के अनुभव और युवा चिकित्सकों के सवालों ने वैज्ञानिक सत्रों को और अधिक जीवंत एवं उपयोगी बनाया। कार्यक्रम ने न केवल सीखने का अवसर दिया बल्कि विभिन्न संस्थानों के चिकित्सकों के बीच अकादमिक सहयोग और नेटवर्किंग की नई संभावनाओं को भी मजबूत किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार, आयोजन अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों ने कार्यक्रम को दिशा दी। प्रो. (डॉ.) नूपुर निहारिका, आयोजन सह-अध्यक्ष ने आयोजन को निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया। कार्यक्रम की योजना और समन्वय में डॉ. शंभु प्रसाद, आयोजन सह-सचिव तथा अर्चना सिंह, सह सचिव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं डॉ. सुजीत सरकारखेल और विपिन कुमार के योगदान एवं अकादमिक विचारों ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. उदय कुमार सिन्हा, अध्यक्ष, इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी, ईस्ट जोन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में युवा चिकित्सकों को निरंतर अध्ययन, शोध और मरीज केंद्रित चिकित्सा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच चिकित्सकों के लिए लगातार सीखते रहना बेहद आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना ने अपने संबोधन में चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता, निरंतर सीखने और साक्ष्य आधारित उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवा चिकित्सकों के अकादमिक एवं पेशेवर विकास के लिए एम्स पटना की प्रतिबद्धता दोहराई और ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को आगे भी प्रोत्साहित करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान पूर्वी भारत के विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों के बीच विचारों और अनुभवों का व्यापक आदान-प्रदान हुआ। विशेषज्ञों के ज्ञान और युवा चिकित्सकों की जिज्ञासा के मेल ने इस आयोजन को एक सार्थक और जीवंत अकादमिक मंच बना दिया। 25वें ईस्ट जोन साइकियाट्री पोस्टग्रेजुएट सीएमई 2026 का सफल आयोजन मनोचिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और बेहतर मरीज सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए ज्ञान की निरंतर यात्रा और विशेषज्ञों के बीच संवाद बेहद जरूरी है।

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