पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ पीड़ितों के पुनर्वास, स्किलिंग और सम्मानजनक जीवन को प्राथमिकता दी जा रही है।
शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में गृह विभाग द्वारा आयोजित ‘गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नया सवेरा 1.0 और 2.0’ के बाद अब ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान के जरिए रोकथाम और पुनर्वास के प्रयासों को और व्यापक बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तस्करी की रोकथाम के लिए रोजगार और कौशल विकास पर जोर है। लोगों को सुरक्षित और वैध रोजगार देने से तस्करी का जोखिम कम होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में रियल टाइम मॉनीटरिंग से अब तक 1200 से अधिक लापता बच्चों की बरामदगी हो चुकी है।
शिकायतों के निष्पादन के लिए ‘सहयोग शिविर’ लगाए जा रहे हैं। अब तक 6 लाख से अधिक आवेदन आए, जिनमें 5.50 लाख का निपटारा हो चुका है। हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री स्वयं पीड़ितों की सुनवाई करते हैं। पिछली बार 129 में से 100 मामलों का समाधान हुआ।
सीएम ने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश से पलायन रुकेगा। हाल में स्टील उद्योगों से 51 हजार करोड़ के MoU हुए हैं। गंगा, गंडक, कोसी को जोड़कर बाढ़ और जल प्रबंधन की योजना भी है।
सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. अमानुल्लाह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
