नई दिल्ली, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने गुरुवार को संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क एवं पुल परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विक्रमशिला सेतु के समानांतर पॉन्टून ब्रिज, मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के फोरलेन चौड़ीकरण, मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास, नौबतपुर से झारखंड सीमा तक एनएच-139 के फोरलेन निर्माण, एनएच-333 एवं एनएच-333ए से जुड़ी परियोजनाओं तथा हाजीपुर से मुजफ्फरपुर तक कांवरिया पथ के निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा बिहपुर-फुलौत कोसी पुल से गोविंदपुर, मुशहरी और कहारपुर गांवों को एप्रोच रैंप से जोड़ने, भागलपुर-बलदौर एनएच-133ई के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा हाजीपुर पासवान चौक से बिदुपुर तक गंगा के उत्तरी किनारे एलिवेटेड सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया।
पथ निर्माण मंत्री ने विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए समानांतर अस्थायी पॉन्टून ब्रिज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत बिहार की नई सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया। कुमार शैलेंद्र ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार की अंतरराज्यीय और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय कम होगा, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी तथा व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बिहार आकर संबंधित परियोजनाओं और प्रस्तावित स्थलों का स्वयं निरीक्षण करने की भी बात कही।
