पटना, अजीत। हिंदी साहित्य के महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच, वाल्मी, फुलवारी शरीफ के सभागार में श्रद्धांजलि एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर की।
इस अवसर पर संस्था के सचिव महेश चौधरी, हृदय नारायण झा, सुधीर मधुकर, ज्ञानी प्रसाद, डॉ. अनिल कुमार, विश्व रंजन चौधरी, जवाहरलाल, मिथिलेश कुमार पांडे, कामेश्वर प्रसाद, वरिष्ठ पत्रकार रंजीत प्रसाद सिन्हा, मोहम्मद परवेज आलम सहित अन्य वक्ताओं ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला. वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य सामाजिक समानता, मानवीय संवेदनाओं और ग्रामीण जीवन का सशक्त दस्तावेज है, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बरकरार है।
कार्यक्रम में प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर परिचर्चा के साथ गीत-संगीत तथा देशभक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा. वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से गरीबी, शोषण, सामाजिक कुरीतियों और अन्याय के खिलाफ सशक्त आवाज बुलंद की. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने और नई पीढ़ी तक उनके साहित्य को पहुंचाने का संकल्प लिया।
