बिहार

सम्राट चौधरी की सरकार ने शिक्षा के भगवाकरण की नीति अपनाई ; जनता दल यू और एनडीए के अन्य घटक दलो की चुप्पी क्यों : एजाज अहमद

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने जनता दल यु और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं से पूछा है कि क्या बिहार में शिक्षा के भगवाकरण की राजनीति को इन लोगों ने स्वीकार कर लिया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा नीति सरकार ने 551 विद्यालयों को जिस तरह से भगवा रंग में रंग कर और सभी विद्यालय का नामकरण शिशु विद्या केंद्र रखकर जिस तरह से मॉडल स्कूल के नाम पर राजनीति की है उस मुद्दे पर जनता दल यू,लोजपा (राम विलास) ,हम पार्टी और लोक मोर्चा के नेताओं ने चुप्पी क्यों साध रखी हैं?

एजाज ने आगे कहा कि बिहार में आरएसएस के विचारधारा के अनुसार शिक्षा में भगवाकरण का समावेश करके इसका आगाज सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने कर दिया गया है और बिहार के 551 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के नाम पर सरस्वती विद्या केंद्र (आदर्श विद्यालय) नामकरण करके 551 विद्यालयों के भवन को भगवा रंग में रंग दिया है, जो भारत की गंगा जमुना संस्कृति के खिलाफ सोच को प्रकट करता है। जिस तरह से आरएसएस के विचारों के अनुसार शिक्षा के भगवाकरण की राजनीति की गई है उस मामले पर जनता दल यू और एनडीए के अन्य घटक दल भाजपा के विचारधारा के अनुसार सत्ता में भागीदारी करके इस तरह की राजनीति को स्वीकार कर लेने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

इस संबंध में जनता दल यु और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की राजनीति बिहार में दलितों, पिछड़ों , आतिफ पिछडो, अल्पसंख्यकों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की गहरी साजिश रची गई है और इसमें सबसे अधिक नुकसान इन्हीं वर्गों के बच्चों का ही होगा, क्योंकि बाद में सरकार सिलेबस में भी बदलाव कर देगी जो आने वाले समय के लिए गहरी राजनीति का संकेत है, इस मामले पर खामोशी कहीं से उचित नहीं होगा क्योंकि शिक्षा की बुनियाद को ही भाजपा अपने एजेंडे के अनुसार चलाने का कार्य शुरू कर दिया है।

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