मनेर, (न्यूज़ क्राइम 24) सोमवार को दोपहर में मनेर थाना के समीप मनेर उप डाकघर कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरा ईमेल सामने आते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। मनेर उप डाकघर के प्रबंधक रविन्द्र कुमार ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम की सूचना मिलते ही मनेर थाना में जाकर लिखित आवेदन दिया। पटना बम निरोधक दस्ता के एसआई इमामुल रसीद ने बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे डाकघर परिसर को तत्काल खाली करा दिया गया और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, डाक अधीक्षक (पासपोर्ट) के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश भेजा गया। ईमेल में कहा गया कि हमारे पैगंबर का अपमान किया गया है, इसलिए डाकघर में साइनाइड गैस छोड़ी जाएगी और कार्यालय को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा। दोपहर में आए ईमेल के बाद पुलिस इस संदेश की सत्यता और स्रोत की जांच कर रही है। आशंका है कि यह किसी सरफिरे की करतूत हो सकती है। धमकी मिलने के तुरंत बाद मनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे डाकघर परिसर को खाली करा दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को बुलाया गया। परिसर की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। पुलिस आसपास के क्षेत्र में भी सतर्कता बरत रही है। घटना की सूचना मिलते ही मनेर थानाध्यक्ष अपने पूरे दल बल के साथ पहुंचे एवं मनेर उप डाकघर परिसर को घेराबंदी कर सर्च अभियान चला रही है आसपास क्षेत्र को खाली कराया जा रहे हैं। इस संबंध में मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि मनेर थानांतर्गत स्थित पासपोर्ट कार्यालय एवं डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी संबंधी ई-मेल प्राप्त होने की सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना के आलोक में पुलिस द्वारा त्वरित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा एवं जांच संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
मामले के सभी पहलुओं की जांच एवं अग्रतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी है। ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह केवल अफवाह फैलाने की कोशिश है या इसके पीछे कोई वास्तविक साजिश है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
