अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड की नवाबगंज पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर मंगलवार को लगभग दोपहर 1 बजे जब संवाददाता स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। अस्पताल में मौजूद कर्मियों ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर मनीषा कुमारी की ड्यूटी थी, लेकिन वे अस्पताल नहीं पहुंची हैं। फोन पर संपर्क करने पर डॉक्टर मनीषा कुमारी ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित हैं, इसलिए ड्यूटी पर नहीं आ सकीं। हालांकि अस्पताल में उनके स्थान पर किसी वैकल्पिक चिकित्सक की व्यवस्था नहीं किए जाने से मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मामले की जानकारी दिए जाने पर जिला स्वास्थ्य पदाधिकारी कृष्ण कुमार कश्यप ने कहा कि नवाबगंज अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की निगरानी की जिम्मेदारी नरपतगंज के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार की है। यदि चिकित्सक बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाते हैं तो जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि दो दिनों के भीतर अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी तथा चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में नियमित चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से नवाबगंज अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अस्पताल में नियमित चिकित्सकीय व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
