पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) सावन माह में भगवान शिव की आराधना के लिए इस वर्ष श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। श्री महावीर स्थान न्यास समिति की ओर से संचालित पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के साथ-साथ पूर्वी चंपारण के रामजानकी नगर (कैथवलिया) स्थित विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में स्थापित शिवलिंग पर रुद्राभिषेक कराने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पटना के अनुभवी पुजारियों की तैनाती होगी और श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री साथ लाने की जरूरत नहीं होगी।
इस वर्ष सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। सावन के चार सोमवार क्रमशः 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि रुद्राभिषेक कराने वाले श्रद्धालुओं को बुकिंग के अनुसार निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचना होगा। पूजा की संपूर्ण सामग्री मंदिर प्रशासन उपलब्ध कराएगा। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। विराट रामायण मंदिर में रुद्राभिषेक के शुल्क का निर्धारण अभी नहीं किया गया है।
विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा 33 फीट ऊंचा सहस्त्रलिंगम पहले ही स्थापित किया जा चुका है। नियमित पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए अलग शिव मंडप का निर्माण किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन चार से पांच हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और सावन में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। करीब 120 एकड़ में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में 22 मंदिर और 18 शिखरों का निर्माण किया जा रहा है।
पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो रहा यह मंदिर विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर बनने की ओर अग्रसर है। यहां एक विशाल सभागार भी बनाया जा रहा है, जिसमें एक साथ लगभग 20 हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वोत्तम समय माना जाता है। स्कन्द पुराण, शिवपुराण, लिंग पुराण, श्रीमद्भागवत और वायु पुराण में सावन माह में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव पूजा के विशेष महत्व का उल्लेख मिलता है।
