पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम से जुड़कर शिक्षा से वंचित जीविका दीदी अब दसवीं परीक्षा की तैयारी में जी-जान लगाकर तैयारी करने में जुटी है। वही जीविका दीदी की परीक्षा की तैयारी को लेकर प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा सरलतम और आसान तकनीक का प्रयोग कर रहे है। साथ ही प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के एसीटीए (SCTA) जिला वार सीएलएफ (CLF) और सीएलसीडीसी (CLCDC) पहुंचकर लर्नर्स के पढ़ाई लिखाई का जायजा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को एसीटीए (SCTA) खुशबू कुमारी ने वैशाली जिले के गोरौल ब्लॉक अंतर्गत हाई स्कूल, चकव्यास स्थित सीएलसीडीसी (CLCDC) /लाइब्रेरी पहुंची और मौके पर उपस्थित रही जीविका दीदी साथ परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष चर्चा की। इस दौरान SCTA खुशबू कुमारी द्वारा हिंदी विषय की विशेष क्लास ली गई। इस दौरान परीक्षा में संभावित प्रश्नों और उसके उत्तर भी जीविका दीदी से पूछताछ की गई। इस दौरान उन्होंने सभी जीविका दीदी से विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी में अधिक से अधिक समय दीजिए ताकि आपकी तैयारी बेहतर हो सके और सभी लर्नर्स अच्छे से अच्छे नंबर से पास करे। साथ ही सभी लर्नर्स को वन लाइनर किताब को नियमित तरीके से अध्ययन करने का सलाह दी गई।

गौरतलब है कि वर्तमान समय में शिक्षा पाने का अधिकार अब सबको है, चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग। हर किसी का सपना है शिक्षित होना। इसी सपना को साकार करने के लिए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने जीविका दीदियों के सहारा बन चुकी हैं। जिन जीविका दीदी ने आर्थिक तंगी या पारिवारिक माहौल व साधन – संसाधन के अभाव में दसवीं कक्षा की शिक्षा अर्जित नहीं कर सकी। उनके लिए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा बिहार राज्य के सभी जिलों में रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत शिक्षा से वंचित सभी दीदियों को दसवीं कक्षा की तैयारी कर अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कराने का पीड़ा उठा ली है। इसी कड़ी में वैशाली जिला में करीब तीन दर्जन जीविका दीदी ने भी अपनी पढ़ाई की पुनः शुरूआत कर दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर उत्तीर्ण करने का मनोबल बना चुकी है।
आप को बता दे कि प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम जीविका दीदियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन दीदी ने समाज , घर – परिवार के काम के बोझ तले दबे होने के कारण पढ़ाई करने की उम्मीद छोड़ चुकी थी।उन दीदी ने बिना किसी की परवाह किए नानी – दादी बनने की उम्र में पढ़ाई की शुरुआत की। इससे पूरे गांव वैसी दीदी समाज में महिला शिक्षा व सशक्तिकरण की मिशाल बन गई है।
इसी बीच लर्नर्स की दसवीं की पढ़ाई की बेहतर तैयारी हेतु रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्री मॉक टेस्ट का आयोजन भी राज्य के सभी जिला में कराया गया। मॉक टेस्ट आयोजन परीक्षा का माहौल बनाना और तैयारी का आकलन करना है। मॉक टेस्ट का पैटर्न बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन द्वारा पूर्व में पूछे गए प्रश्न पर आधारित है। इस दौरान प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के रिमोट इंस्ट्रक्टर मिशन कुमार और गोरौल CLCDC में कार्यरत विद्या दीदी मनीषा कुमारी भी उपस्थित थी।
