शेखपुरा, उमेश कुमार : बरबीघा और शेखोपुरसराय शहर को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम श्री शेखर आनंद और SP श्री बलिराम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में मंथन सभागार में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026’ लागू करने पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ।
अब कचरा 4 तरह से बंटेगा:
डीएम ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से कचरा निपटान के लिए अब 4 रंग के डिब्बे अनिवार्य होंगे।
- हरा डिब्बा – गीला कचरा: रसोई का कचरा, फल-सब्जी के छिलके। इससे खाद और बायोगैस बनेगी।
- नीला डिब्बा – सूखा कचरा: कागज, गत्ता, प्लास्टिक, कांच, धातु। रीसायकल होगा।
- लाल डिब्बा – दूषित कचरा: डायपर, सैनिटरी पैड, मास्क। कागज में लपेटकर फेंकना होगा।
- काला डिब्बा – खतरनाक कचरा: बैटरी, ट्यूब लाइट, कीटनाशक के डिब्बे, ई-वेस्ट।
बड़े संस्थानों के लिए सख्त नियम
होटल, अस्पताल, स्कूल जैसे बड़े कचरा उत्पादकों के लिए नई गाइडलाइन जारी:
- 20,000 वर्ग मीटर से बड़ा क्षेत्र, 100 किलो/दिन से ज्यादा कचरा या 40,000 लीटर/दिन से ज्यादा पानी खपत वाले संस्थानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
- गीला कचरा परिसर में ही खाद या बायोगैस से निपटाना अनिवार्य।
- हर साल 30 जून तक वार्षिक रिपोर्ट देनी होगी।
31 अक्टूबर तक हटेंगे डंपसाइट
नगर परिषद ने पुराने कचरा डंपसाइट्स को 31 अक्टूबर 2026 तक हटाने का लक्ष्य रखा है। कचरा बीनने वालों को मुख्यधारा में जोड़कर सम्मानजनक रोजगार देने की भी योजना है।
डीएम की अपील
जिला पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि कचरा न जलाएं और न खुले में फेंकें। नियम तोड़ने पर चेतावनी, जुर्माना और पर्यावरण मुआवजे की कार्रवाई होगी।
प्रशिक्षण में बरबीघा और शेखोपुरसराय के नगर सभापति, उपसभापति, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर मौजूद रहे।
