फुलवारीशरीफ, अजीत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर, पुलिस कॉलोनी, अनीसाबाद द्वारा छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों को पटना जू ले जाया गया, जहां उन्हें प्रकृति, जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों, पक्षियों, सरीसृपों तथा दुर्लभ प्रजातियों को नजदीक से देखा. विद्यार्थियों ने उनके प्राकृतिक आवास, रहन-सहन और जीवन चक्र के बारे में जानकारी प्राप्त की. शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक जीव-जंतु, पेड़-पौधे, जल स्रोत एवं प्राकृतिक संसाधन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इनके संरक्षण के बिना पृथ्वी का इकोसिस्टम प्रभावित हो सकता है।
विद्यालय की निदेशक उषा कुमारी ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक आवश्यकता नहीं बल्कि मानवता का दायित्व बन चुका है. उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं और पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए।
विद्यालय की प्रधानाचार्या अंकिता कुमारी ने कहा कि पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है. पटना जू जैसे प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण बच्चों को प्रकृति के करीब लाता है और उनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करता है. उन्होंने विद्यार्थियों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
भ्रमण के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला. उन्होंने प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं निक्की सिंह, स्मृति कुमारी, रिया तथा विद्यालय समन्वयक रीता कुमारी भी मौजूद रहीं और छात्रों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों एवं शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित पृथ्वी के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया. विद्यालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
