फुलवारीशरीफ, अजित। पटना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संपतचक प्रखंड के नयाचक बेईमान टोला स्थित एक घर में संचालित अवैध ड्रग्स कारोबार का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6 किलो 630 ग्राम ब्राउन शुगर, एक देशी कट्टा, 10 जिंदा कारतूस, 18 लाख 66 हजार 110 रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं. मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मकान मालिक सहित अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 3 जून को गोपालपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नयाचक बेईमान टोला निवासी संतोष साव अपने तस्कर साथियों के साथ बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर घर पहुंचे हैं और उसकी सप्लाई की तैयारी कर रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
एसपी ने बताया कि गश्ती टीम तथा संपतचक के अंचलाधिकारी की मौजूदगी में संदिग्ध मकान की घेराबंदी की गई. मुख्य दरवाजा खुलवाकर जब घर की तलाशी ली गई तो एक कमरे में लकड़ी की अलमारी के नीचे रखे प्लास्टिक के बोरे और पॉलीथिन में भारी मात्रा में ब्राउन शुगर जैसा पदार्थ मिला. इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर बोरे में रखे पदार्थ का वजन 5 किलो 815 ग्राम तथा पॉलीथिन में रखे पदार्थ का वजन 815 ग्राम पाया गया. कुल मिलाकर 6 किलो 630 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई।
तलाशी के दौरान अलमारी के दराज से एक देशी कट्टा, 315 बोर के 10 जिंदा कारतूस तथा 18 लाख 66 हजार 110 रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक स्कॉर्पियो वाहन, वाहन की डिक्की से चार जमीन संबंधी दस्तावेज, दो जमीन एग्रीमेंट पेपर तथा दो बैंक पासबुक भी जब्त किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कृष्णा कुमार राम को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपित की पहचान भेलवाड़ा निवासी प्रेमशंकर राम के 38 वर्षीय पुत्र कृष्णा कुमार राम के रूप में हुई है. पुलिस उससे पूछताछ कर नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उक्त मकान से लंबे समय से नशीले पदार्थों के भंडारण और आपूर्ति का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था. फरार मकान मालिक संतोष साव सहित अन्य तस्करों की पहचान कर ली गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि बरामद ब्राउन शुगर की मात्रा और नकदी को देखते हुए यह अंतरजिला स्तर के संगठित नशा तस्करी गिरोह का मामला हो सकता है. बरामद नकदी के स्रोत, बैंक खातों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. पुलिस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल में जुटी हुई है। एसपी ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पटना पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
