शेखपुरा, उमेश कुमार : जिले में ‘हर घर नल का जल’ योजना की बदहाली पर जिला पदाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। गर्मी में कई वार्डों में नल से पानी बंद होने की शिकायतों के बाद DM ने 24 जिला स्तरीय अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित कर दी है।
क्या है मामला:
हर सोमवार और शुक्रवार को होने वाले जनता दरबार में ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे थे कि उनके वार्डों में नल-जल की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। गर्मी बढ़ने से पानी की किल्लत और गंभीर हो गई है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए DM ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
कौन करेगा जांच:
जांच को पारदर्शी बनाने के लिए वरिष्ठ अफसरों को अलग-अलग प्रखंड सौंपे गए हैं:
- अरियरी प्रखंड, चोरदरगाह पंचायत: अपर समाहर्ता (जांच)
- बरबीघा प्रखंड, जगदीशपुर: अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी
- शेखोपुर सराय, मोहब्बतपुर: अपर समाहर्ता विभागीय जांच
- चेवाड़ा प्रखंड, लहना पंचायत: जिला परिवहन पदाधिकारी बेबी कुमारी
इसी तरह 24 अफसरों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि कोई भी इलाका छूटे नहीं।
जांच के 2 मुख्य बिंदु:
- पानी आ रहा है या नहीं: हर वार्ड में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है या नहीं। बंद है तो तकनीकी खराबी है या लापरवाही?
- ऑपरेटरों का मानदेय: नल-जल चलाने वाले ऑपरेटरों को समय पर सैलरी मिली या नहीं। आशंका है कि मानदेय न मिलने से कई जगह ऑपरेटरों ने काम बंद कर दिया है।
डीएम का सख्त निर्देश:
जिला पदाधिकारी ने कहा है कि इस काम में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अफसर तुरंत फील्ड में जाकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेंगे और सीधे जिला गोपनीय शाखा में जमा करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
डीएम के इस एक्शन के बाद नल-जल योजना से जुड़े विभागों में हड़कंप है।
