दिल्ली, सोनू कुमार : गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सीमा सुरक्षा बल-बीएसएफ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा है कि बल ने न केवल सीमा की दृढता से रक्षा की, बल्कि सीमावर्ती ज़िलों के लोगों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने सीमा को पूरी तरह से अभेद्य बनाने के लिए बीएसएफ, सेना, प्रशासन और नागरिकों को मिलाकर एक चार-स्तरीय ग्रिड बनाने पर ज़ोर दिया। श्री शाह आज राजस्थान के बीकानेर के पास सांचू चौकी पर ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस ग्रिड की मदद से सीमा पर उत्पन्न खतरों का पूरी ताक़त से मुकाबला किया जा सकेगा।
श्री शाह ने सीमा सुरक्षा में सीमावर्ती गांवों और निवासियों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इन गांवों में कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत देश की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों का आधुनिकीकरण के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है।
इससे पहले, गृह मंत्री ने सीमा चौकियों पर नव-निर्मित 14 महिला बैरकों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।
