फुलवारीशरीफ, अजीत। दानापुर स्थित प्रेम यूथ फाउंडेशन के सहयोग से महिला कॉलेज खगौल की छात्राओं के लिए 30 घंटे की वॉलेंट्रीयरशिप कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इसको लेकर महाविद्यालय परिसर में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को वॉलेंट्रीयरशिप के महत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. उषा विद्यार्थी ने कहा कि वॉलेंट्रीयरशिप छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है. इससे छात्राओं को समाज और समुदायों से जुड़ने, समस्याओं की पहचान करने तथा उनके समाधान की समझ विकसित करने का अवसर मिलता है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में वॉलेंट्रीयरशिप को अनिवार्य बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सराहनीय कदम है. साथ ही उन्होंने छात्राओं से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील भी की।
प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और मेहनत को ही सफलता का रास्ता मानें. उन्होंने कहा कि शॉर्टकट के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और अपराधी तथा अराजक तत्वों से सतर्क रहना जरूरी है. शिक्षा ही युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है।
फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर दिलीप कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत महाविद्यालयों में वॉलेंट्रीयरशिप और इंटर्नशिप को अनिवार्य किया गया है, जो छात्राओं के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन कौशल, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की जानकारी भी है।
उन्होंने बताया कि छात्राओं को श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, गांधी संग्रहालय, प्राणी सर्वेक्षण विभाग और साइबर थाना का एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है. योगाचार्य हृदय नारायण झा ने कहा कि वॉलेंट्रीयरशिप युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम में प्रोग्राम ऑफिसर अविनाश पांडेय ने बताया कि देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप और वॉलेंट्रीयरशिप से जुड़कर रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं. मौके पर डॉ. वीणा कुमारी, डॉ. आभा, डॉ. चंदा सिंह, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. रुचिका सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
