बिहार

गौरीचक में नहीं थम रहा अवैध मिट्टी खनन, दिन में जांच और रात में धड़ल्ले से चल रहा खेल

फुलवारीशरीफ, अजित। गौरीचक थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. दिन में प्रशासनिक अधिकारी अवैध खनन की जांच करने पहुंच रहे हैं, वहीं रात होते ही नदी किनारे से मिट्टी कटाई और ढुलाई का खेल फिर शुरू हो जा रहा है. इस पूरे मामले में स्थानीय थाना की भूमिका को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। शनिवार को पुनपुन अंचलाधिकारी ममता कुमारी तथा विभागीय कार्यपालक अभियंता ने गौरीचक थाना क्षेत्र के बरावा इलाके में पहुंचकर अवैध खनन की जांच की. अधिकारियों ने नदी किनारे हो रही मिट्टी कटाई और उसके प्रभाव का निरीक्षण किया. लेकिन अधिकारियों की जांच के कुछ घंटे बाद ही थाना क्षेत्र के जमुनापुर इलाके में रातभर जेसीबी और ट्रैक्टरों से अवैध मिट्टी खनन का काम बेरोकटोक चलता रहा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारतमाला प्रोजेक्ट और सड़क निर्माण कार्य की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि दिन में परियोजना कार्य का हवाला दिया जाता है, जबकि रात के समय भी लगातार मिट्टी लदे ट्रैक्टर और हाइवा पटना की ओर जाते देखे जा रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि फिलहाल रात में भारतमाला परियोजना का कार्य नहीं चल रहा, इसके बावजूद देर रात तक मिट्टी ढुलाई जारी रहती है। इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि गौरीचक थाना में तैनात दो चौकीदार आपस में रिश्तेदार हैं और उनके करीबी रिश्तेदार का नाम अवैध मिट्टी कारोबार से जोड़ा जा रहा है. लोगों का आरोप है कि इसी वजह से खनन माफियाओं को कानून का कोई डर नहीं रह गया है. हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से नदी किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. साथ ही पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. मामले को लेकर कई लोगों ने जिलाधिकारी, खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन से शिकायत भी की है। जब इस संबंध में गौरीचक थाना के एडिशनल एसएचओ रवि कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी. चौकीदारों और उनके रिश्तेदारों से जुड़े सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। वहीं थाना अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना क्षेत्र से होकर मुख्य मार्ग पर रातभर मिट्टी लदे वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच के बाद अवैध खनन पर वास्तव में रोक लगती है या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

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