फुलवारीशरीफ, अजीत। इमारत ए शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की ओर से सामाजिक सुधार, मुस्लिम समाज में एकता और शरीयत के आदेशों के पालन को लेकर विभिन्न जिलों में दावती एवं इस्लाही दौरों का सिलसिला जारी है. दरभंगा और समस्तीपुर जिलों में प्रतिनिधिमंडलों का दौरा चल रहा है, जबकि 16 मई से किशनगंज और मुजफ्फरपुर जिलों में भी दौरा शुरू हो गया है। समस्तीपुर जिले के रामपुर, सपरी और साशन गांवों में आयोजित सभाओं को संबोधित करते हुए नायब काजी शरिया मुफ़्ती वसी अहमद कासमी ने कहा कि अमीर-ए-शरीयत के मार्गदर्शन में शरीयत के अनुसार जीवन जीना ईमान का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि समाज में मानवीय मूल्य, आपसी प्रेम और रिश्तों की अहमियत लगातार कमजोर होती जा रही है, जिसे बचाने की जरूरत है।
इमारत ए शरिया के सहायक नाजिम मौलाना रिजवान अहमद नदवी ने मुस्लिम समाज में एकता और भाईचारे पर जोर दिया. वहीं मुफ़्ती आफताब आलम कासमी ने कहा कि मुसलमानों को अपने जीवन को अल्लाह की इच्छा के अनुसार नेक कार्यों से सजाना चाहिए. मौलाना अबू शाहिद कासमी ने सूदखोरी से बचने की अपील की, जबकि मौलाना खुर्शीद आलम कासमी ने नई पीढ़ी को धार्मिक शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया। इमारत ए शरिया के नाजिम मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने बताया कि अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी के नेतृत्व में संगठन धार्मिक एवं आधुनिक शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सुधार के लिए लगातार कार्य कर रहा है. किशनगंज दौरे का नेतृत्व मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद सोहराब नदवी कासमी और मुजफ्फरपुर दौरे का नेतृत्व मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी कर रहे हैं। उन्होंने उलेमा, इमामों और संगठन के जिम्मेदारों से अपील की कि वे इन दौरों को सफल बनाने में सहयोग करें. प्रतिनिधिमंडलों का यह दौरा 22 मई तक जारी रहेगा।
