पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में शामिल पुलिसकर्मियों पर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘जेंडर बेस्ड वायलेंस’ कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग में रहने का कोई अधिकार नहीं है और ऐसे कर्मियों को सेवा से बाहर किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस के कुछ जवान दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिलाओं को प्रताड़ित करने जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। ऐसे मामलों को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है और अब तक 1000 से अधिक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी यदि नशाखोरी या सामाजिक बुराइयों में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें स्वयं पुलिस सेवा छोड़ देनी चाहिए। पुलिस का दायित्व समाज को सुरक्षा और सही दिशा देना है, न कि गलत उदाहरण प्रस्तुत करना। कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने महिला थानों को भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी केवल थाने में बैठकर शिकायतों का इंतजार न करें, बल्कि पंचायतों और गांवों में जाकर महिलाओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सोच से जुड़ी समस्या है। समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाकर ही ऐसी बुराइयों को खत्म किया जा सकता है।
