पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के “सेकंड चांस” कार्यक्रम के अंतर्गत जे-पाल (J-PAL) संस्था के प्रतिनिधियों ने लर्नर्स,एलुमिनी एवं हाई स्कूल की छात्राओं से मुलाकात की। इस दौरान कार्यक्रम की गतिविधियों का वीडियो दस्तावेज़ीकरण भी किया गया,ताकि इसके प्रभाव और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझा जा सके। मुलाकात के दौरान लर्नर्स एवं एलुमिनी ने अपने अनुभव को साझा किए और बताया कि किस प्रकार सेकंड चांस कार्यक्रम ने उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की है। हाई स्कूल की छात्राओं ने भी अपने शैक्षणिक अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, जे-पाल टीम ने बस्ती में जाकर उन बालिकाओं से भी संवाद किया, जिनका सर्वे कर पढ़ाई के प्रेरित कि या गया था लेकिन वे कक्षा में उपस्थित नहीं हो रही थीं।
इस दौरान टीम ने बालिकाओं एवं उनके परिवारों से बात कर यह समझने का प्रयास किया कि वे दसवीं कक्षा की पढ़ाई क्यों नहीं कर पा रही हैं। सर्वे के दौरान सामने आए प्रमुख कारणों में पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक समस्याएं, सामाजिक बाधाएं, तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी शामिल रही । टीम ने इन चुनौतियों को गहराई से समझते हुए संभावित समाधान पर भी विचार-विमर्श किया। जे-पाल प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल शिक्षा से वंचित बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और सहयोगात्मक प्रयासों से इन समस्याओं का समाधान संभव है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस संवाद कार्यक्रम में प्रथम के क्षेत्रीय समन्वयक संजय कुमार, गर्ल्स एंड वूमेन कार्यक्रम से को लीड समन्वयक समन्वयक सौम्या नायर,राज्य कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार पाण्डेय,टीम लीडर स्नेहा रानी,शिल्पा कुमारी,रुचि गुप्ता,सूरज कुमार,पवन कुमार एवं जे- पाल से शोभनी मुखर्जी एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जे पाल साउथ एशिया,रश्मि बरुआ एसोसिएट प्रोफेसर इंडियन स्टेटिसिकल इंस्टीट्यूट दिल्ली, रोहणी कॉल, अनिता एश्वरी एवं एलेन मैथ्यू मौजूद रहें।
