अररिया, रंजीत ठाकुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया द्वारा गुरुवार को बेलाही गाँव में एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों से अवगत कराना था। शिविर को संबोधित करते हुए पीएलवी (अधिकार मित्र)विनय ठाकुर ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए ‘घरेलू हिंसा अधिनियम’ एक सशक्त सुरक्षा कवच है। उन्होंने 8 मार्च को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की प्रासंगिकता पर चर्चा की और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ को सफल बनाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को 100 दिवसीय मध्यस्थता अभियान 2.0 और आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि मुख्तार आलम व वार्ड सदस्य नेगड़ू राम ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में लीला देवी, रेखा देवी, अजिया देवी, नीलम देवी, संजू देवी, बिबिया देवी सहित दर्जनों ग्रामीण महिलाएँ उपस्थित रहीं, जिन्होंने कानून के माध्यम से सशक्त बनने का संकल्प लिया।
