फुलवारीशरीफ, अजित। 9 जुलाई 2025 को प्रस्तावित बिहार बंद को इमारत-ए-शरिया बिहार, झारखंड, ओडिशा व पश्चिम बंगाल समेत देश के प्रमुख संगठनों ने पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है. यह बंद विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया 2025 के तहत लाखों लोगों के मताधिकार पर संकट को लेकर बुलाया गया है।
इमारत-ए-शरिया ने बयान जारी कर कहा है कि यह बंद किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं, बल्कि संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक लोकतांत्रिक जनसंघर्ष है. उन्होंने कहा कि बिना सूचना और जांच के नागरिकों को मतदाता सूची से हटाना संविधान की धारा 14, 15, 21 और 326 का उल्लंघन है।
बंद को सफल बनाने की अपील करते हुए राज्य के सभी नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों, कर्मचारियों और समाज के हर तबके से घरों में रहने, कारोबार बंद रखने और शांतिपूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया गया है।
इस अपील में शामिल संगठनों में प्रमुख हैं इमारत-ए-शरिया, जमीयत उलेमा-ए-हिंद (अलिफ), जमीयत उलेमा-ए-हिंद (मेम), मजलिस-ए-उलमा खुतबा इमामिया बिहार (अहले तशय), मुस्लिम मजलिस-ए-मशावरत, इदारा-ए-शरईया, इमारत अहले हदीस (जमीयत अहले हदीस सादिकपुर हिंद) और ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस। सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा है — “हर वोट का सम्मान जरूरी है, और बिहार संविधान की रक्षा के लिए पूरी तरह खड़ा है।
