पटना, अजित : 16 मई 2025 को निदेशक मत्स्य, बिहार, पटना की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में शेखपुरा, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, गया, बांका और जमुई जिलों के जिला मत्स्य पदाधिकारी शामिल हुए. इसमें राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत नए तालाब निर्माण में जमुई (50.64 हे.), बांका (39.95 हे.), पश्चिम चंपारण (27.35 हे.) और शेखपुरा (24.64 हे.) जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. रियरिंग तालाब निर्माण में बांका (13.27 हे.), पश्चिम चंपारण (13.15 हे.), गया (7.76 हे.) और शेखपुरा (7.64 हे.) ने बेहतर कार्य किया है.
राज्य योजनान्तर्गत विशेष सहायता योजना (2023-24, 2024-25) के अंतर्गत जमुई (53.50 ए.), बांका (41.60 ए.) और पश्चिम चंपारण (18.76 ए.) जिलों ने उल्लेखनीय प्रगति की है.
मुख्यमंत्री चौर विकास योजना (सात निश्चय-2) के तहत तालाब निर्माण में पश्चिम चंपारण (142.93 हे.), पूर्वी चंपारण (82.88 हे.) और मुजफ्फरपुर (80.62 हे.) सबसे आगे हैं.
निदेशक मत्स्य ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य मानसून से पहले पूर्ण किए जाएं. उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि MIS पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की जांच मत्स्य प्रसार पदाधिकारी एवं मत्स्य विकास पदाधिकारी शीघ्र करें. जांच के बाद आवेदन जिला मत्स्य पदाधिकारी को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजे जाएं.
बैठक में सभी जिला मत्स्य पदाधिकारी, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, मत्स्य विकास पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
निदेशक ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने का निर्देश दिया.
